केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस सुविधा से राजकोट और सौराष्ट्र क्षेत्र में कैंसर के आधुनिक उपचार की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे लगभग 1.54 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा के माध्यम से हर साल 500 से 700 कैंसर मरीजों का उपचार किया जा सकेगा। इस अवसर पर नड्डा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को उसकी आर्थिक स्थिति और भौगोलिक क्षेत्र की परवाह किए बिना बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
कैंसर उपचार के लिए दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा
जेपी नड्डा ने कहा कि कैंसर मरीजों और उनके परिवारों पर चिकित्सा, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक बोझ डालता है। ऐसे में समय पर उपचार उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को अपने क्षेत्र या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर कैंसर उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई सुविधा से विशेष रूप से सौराष्ट्र और कच्छ के लोगों को लाभ होगा। पहले विशेष कैंसर उपचार के लिए मरीजों को अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों में जाना पड़ता था। अब राजकोट में ही आधुनिक रेडियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र में कैंसर उपचार की पहुंच बढ़ेगी।
देश में 18 एम्स संस्थान कर रहे काम
जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले देश में केवल नई दिल्ली में एक एम्स था, जबकि अब 22 स्वीकृत एम्स संस्थानों में से 18 काम कर रहे हैं। इससे उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मुंह के कैंसर की 37.70 करोड़ और स्तन कैंसर की 17.70 करोड़ जांच
कैंसर की रोकथाम और समय पर बीमारी का पता लगाने के महत्व पर जोर देते हुए नड्डा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से चलाए जा रहे राष्ट्रीय जांच अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह की लगभग 44-44 करोड़ जांच की गई हैं। वहीं, मुंह के कैंसर के लिए लगभग 37 करोड़ 70 लाख लोगों की जांच की गई, जिनमें करीब ढाई लाख संभावित मरीज सामने आए। इसी तरह स्तन कैंसर के लिए लगभग 17 करोड़ 70 लाख महिलाओं की जांच की गई, जिनमें करीब 95 हजार मामले सामने आए। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के तहत 9 करोड़ 80 लाख महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें लगभग एक लाख मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से मरीजों का जल्द उपचार शुरू किया जा सकता है और उनके ठीक होने की संभावना बढ़ती है।
आयुष्मान भारत योजना से कैंसर मरीजों को आर्थिक राहत
स्वास्थ्य मंत्री ने लैंसेट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि कैंसर के 90% मरीजों का उपचार बीमारी का पता चलने के 30 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। उन्होंने इसका एक प्रमुख कारण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आर्थिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार बताया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार कराने में मदद मिली है। एम्स राजकोट में इस योजना के पात्र लाभार्थियों को कैंसर का उपचार मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि अन्य मरीजों को रियायती दरों पर उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
प्रफुल्ल पंशेरिया ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का किया स्वागत
गुजरात सरकार में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पंशेरिया ने राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा की शुरुआत का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से सौराष्ट्र क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के तहत समग्र स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस सुविधा के उद्घाटन को एम्स राजकोट के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बीमारी की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, उपचार, पुनर्वास और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल सहित समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि सरकार ने 1.80 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया है। उन्होंने उन्नत उपचार और अनुसंधान में एम्स राजकोट के योगदान के साथ स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत कैंसर जांच और कैंसर की दवाएं सस्ती करने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। इनमें दवाओं के व्यापारिक लाभांश को तर्कसंगत बनाना, अमृत फार्मेसी, जन औषधि केंद्र और बुनियादी सीमा शुल्क में छूट शामिल हैं। उन्होंने भारत में किफायती दरों पर सीएआर-टी सेल थेरेपी उपलब्ध होने की जानकारी भी दी।
आधुनिक मशीनों और तकनीकों से होगा कैंसर का सटीक उपचार
एम्स राजकोट के अध्यक्ष डॉ. जे.एस. तितियाल ने उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा को क्षेत्र में कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने इसके संचालन में सहयोग के लिए केंद्र और गुजरात सरकार के साथ-साथ संस्थान के शिक्षकों, डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों की सराहना की।
नई सुविधा में हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर (लिनैक), वाइड बोर सीटी सिम्युलेटर और हाई डोज रेट (एचडीआर) ब्रैकीथेरेपी यूनिट स्थापित की गई हैं। लिनैक के माध्यम से इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडियोथेरेपी (आईएमआरटी), वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी (वीएमएटी), इमेज गाइडेड रेडियोथेरेपी (आईजीआरटी), स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (एसआरएस), स्टीरियोटैक्टिक रेडियोथेरेपी (एसआरटी) और स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (एसबीआरटी) जैसी आधुनिक तकनीकों से उपचार किया जा सकेगा। इन तकनीकों के माध्यम से मिलीमीटर स्तर की सटीकता के साथ कैंसर प्रभावित हिस्से तक रेडिएशन पहुंचाया जा सकता है। वाइड बोर सीटी सिम्युलेटर उपचार की थ्री-डायमेंशनल योजना तैयार करने में मदद करेगा, जबकि एचडीआर ब्रैकीथेरेपी के जरिए स्त्री रोग संबंधी कैंसर, सिर एवं गर्दन के कैंसर, सार्कोमा और अन्य ट्यूमर का लक्षित आंतरिक रेडियोथेरेपी उपचार किया जा सकेगा।
एक ही संस्थान में मिलेंगी कैंसर की विभिन्न उपचार सुविधाएं
एम्स राजकोट का रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग एकीकृत कैंसर उपचार व्यवस्था के तहत काम करता है। इसे कीमोथेरेपी और सिर एवं गर्दन, हड्डियों, स्त्री रोग संबंधी कैंसर तथा सामान्य सर्जरी की सुविधाओं का सहयोग प्राप्त है। इससे मरीजों को एक ही संस्थान में कैंसर के विभिन्न प्रकार के उपचार उपलब्ध हो सकेंगे।
यह विभाग 29 मई 2026 से कार्यरत है और रेडियोथेरेपी तथा कीमोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। शुरुआत में यहां हर साल लगभग 500 से 700 मरीजों के उपचार की क्षमता विकसित की गई है। इनमें सिर एवं गर्दन, स्त्री रोग संबंधी, स्तन, हड्डियों और सॉफ्ट टिश्यू के कैंसर सहित अन्य प्रकार के कैंसर के मरीज शामिल होंगे।
सांसद और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद परषोत्तमभाई रूपाला और केसरीदेवसिंह झाला, एम्स राजकोट के कार्यकारी निदेशक डॉ. एल.एन. दोराईराजन, स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, संस्थान के शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी भी उपस्थित रहे। (इनपुट: पीआईबी)


