अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने आज मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) को लेकर “बहुत अच्छी प्रगति” हुई है। इस पर जल्द ही कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार समझौते को लेकर सार्थक बातचीत हुई।
बेसेन्ट ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “जैसा कि मैंने बताया, उपराष्ट्रपति वेंस पिछले हफ्ते भारत में थे। मुझे लगता है कि उन्होंने और प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बहुत अच्छी प्रगति की। मैं आने वाले दिनों में भारत को लेकर कुछ घोषणाएं देख सकता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ भी व्यापार समझौतों पर बात कर रहा है।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति वेंस 21 से 24 अप्रैल तक भारत के आधिकारिक दौरे पर थे। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत की रूपरेखा (terms of reference) को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी 2025 में इस लक्ष्य की घोषणा की थी कि दोनों देश इस दशक के अंत तक अपने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक तक ले जाएंगे, और हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
इस समझौते के तहत दोनों देशों का लक्ष्य- नई नौकरियों का सृजन, मजबूत आपूर्ति शृंखलाएं बनाना और श्रमिकों की समृद्धि सुनिश्चित करना है। भारत सरकार ने भी इस प्रक्रिया को “सकारात्मक प्रगति” बताया है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों ने 23 से 25 अप्रैल के बीच वॉशिंगटन डीसी में मुलाकात की। इससे पहले मार्च 2025 में भी नई दिल्ली में भी द्विपक्षीय चर्चा हुई थी।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में व्यापार से जुड़े कई अहम मुद्दों-जैसे टैरिफ (शुल्क) और गैर-टैरिफ बाधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस साल के अंत तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की योजना बनाई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि मई के अंत से व्यक्तिगत स्तर पर सेक्टोरल बातचीत भी शुरू की जाएगी।
इस समझौते का लक्ष्य भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करना है। इस मिशन को “मिशन 500” नाम दिया गया है, जिसमें 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक करने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए दोनों देशों ने वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया है। व्यापार समझौते के इस पहले चरण में दोनों देश वस्तुओं और सेवाओं के क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच बढ़ाने, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करने और आपूर्ति शृंखला को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।


