NEET UG पेपर लीक मामला: कोर्ट ने कुलकर्णी और मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई

नई दिल्ली स्थित राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को NEET-UG पेपर लीक मामले में आरोपी प्रह्लाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता ने सीबीआई की अर्जी पर हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। सीबीआई की ओर से पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीतू सिंह ने कोर्ट में हिरासत बढ़ाने की मांग की।

सीबीआई ने कई आरोपियों को किया गिरफ्तार

सीबीआई ने इस मामले में कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मांगी लाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, धनंजय लोखंडे, मनीषा मंधारे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट के अन्य फैसले

कोर्ट ने यश यादव को 21 जून को दोबारा आयोजित NEET UG परीक्षा में शामिल होने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी थी। इससे पहले मनीषा वाघमारे की नियमित जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया था।

मामला क्या है?

12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर BNS, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। सीबीआई का आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्न पत्र हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। मांगीलाल के फोन से लीक पेपर बरामद हुए हैं।

आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक पेपर लिया और इसे आगे बेचा। पूछताछ में विकास बिवाल ने राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव से संपर्क की बात स्वीकार की। सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने एक बड़ी साजिश रची और लीक पेपर को 12 लाख रुपये तक में बेचा। मामला अभी सीबीआई की जांच के अधीन है और कोर्ट की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। (इनपुट-एजेंसी)