प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (30 अक्टूबर) गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ उनकी आजीविका सुरक्षा मजबूत करना और विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप समृद्ध, लचीले तथा आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र के निर्माण को गति देना है।
कृषि अवसंरचना की 521 इकाइयां राष्ट्र को होंगी समर्पित
प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत स्थापित 521 इकाइयों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि भंडारण, प्रसंस्करण और संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इनके माध्यम से गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन और कृषि उपज के प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
12 बागवानी क्लस्टरों का भी होगा उद्घाटन
पीएम नरेंद्र मोदी उच्च-मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन भी करेंगे। इन क्लस्टरों के माध्यम से करीब 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तरी गुजरात के दो क्लस्टरों में आलू की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, बागवानी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
रायसेन में किसानों के बीच शामिल होंगे शिवराज चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन में पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों के भाग लेने की उम्मीद है। इसके माध्यम से किसानों के कल्याण, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही, पीएम-किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य प्रमुख योजनाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
23 किस्तों में किसानों को मिल चुके हैं 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक
पीएम-किसान योजना की पहली 23 किस्तों के माध्यम से पात्र किसानों को अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों और घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है तथा उनकी आजीविका को आर्थिक संबल मिलता है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। यह करोड़ों किसानों की आजीविका के साथ देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार पिछले 12 वर्षों के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर जोर दे रही है। इन प्रमुख पहलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना, फसल जोखिम से सुरक्षा देना, कृषि ऋण तक पहुंच आसान बनाना और तकनीक आधारित कृषि व्यवस्था को मजबूत करना है।
खाद्य तेलों और दालों के घरेलू उत्पादन पर जोर
सरकार खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन और दालों में आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत देशभर में क्लस्टर विकसित कर प्राकृतिक खेती के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
कृषि अवसंरचना कोष से 1.75 लाख करोड़ रुपए का निवेश
कृषि उपज के बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन के लिए कृषि अवसंरचना कोष महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र और अन्य आवश्यक कृषि सुविधाओं के विकास के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया जाता है। योजना के तहत 2.28 लाख से अधिक परियोजनाओं में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं से देशभर में कृषि अवसंरचना के विकास को समर्थन मिला है। बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं से कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उच्च-मूल्य वाली फसलों से आय बढ़ाने की पहल
सरकार कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए बागवानी जैसी उच्च-मूल्य वाली गतिविधियों पर भी ध्यान दे रही है। बागवानी क्लस्टरों के विकास से उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा अधिक आय देने वाली फसलों की ओर बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करने, कृषि अवसंरचना को मजबूत करने और बागवानी क्लस्टरों को बढ़ावा देने जैसी पहल का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ कृषि क्षेत्र की उत्पादकता, बाजार क्षमता और दीर्घकालिक स्थिरता बढ़ाना है। इन प्रयासों से विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। (इनपुट: पीआईबी)


