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AI और सर्च प्रतिस्पर्धा को लेकर Google और EU में बढ़ा विवाद

Alphabet की Google ने यूरोपीय संघ के उन दो आदेशों को अदालत में चुनौती दी है, जिनके तहत कंपनी को AI प्रतिद्वंद्वियों और अन्य सर्च इंजन कंपनियों को अपनी कुछ सेवाओं और सर्च डेटा तक पहुंच देनी होगी। Google का कहना है कि इन उपायों से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है।

EU के प्रतिस्पर्धा नियामकों ने जुलाई में Digital Markets Act (DMA) के तहत Google को AI कंपनियों और ऑनलाइन सर्च प्रतिद्वंद्वियों के लिए अपनी सेवाओं को अधिक खुला बनाने का आदेश दिया था। DMA का उद्देश्य बड़ी टेक कंपनियों की बाजार ताकत पर नियंत्रण रखना और डिजिटल क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।

Google ने सोमवार को यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी अदालत, लक्जमबर्ग स्थित General Court में इन आदेशों के खिलाफ अपील दायर की। इन बदलावों को अगले साल से लागू किया जाना है।

Google के प्रतिस्पर्धा मामलों के वरिष्ठ निदेशक ओलिवर बेथेल ने कहा कि कंपनी ऐसे फैसलों को चुनौती दे रही है, जिनके तहत उसे पर्याप्त गुमनामीकरण के बिना लोगों का निजी सर्च इतिहास साझा करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे Android में महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय भी कमजोर हो सकते हैं।

Google का कहना है कि लोग सर्च इंजन पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से लेकर निजी रिश्तों तक के बेहद व्यक्तिगत सवाल खोजते हैं। कंपनी के अनुसार, पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना ऐसी व्यक्तिगत खोजों को साझा करने की अनिवार्यता से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को गंभीर और अपरिवर्तनीय नुकसान हो सकता है।

वहीं, यूरोपीय आयोग ने कहा है कि इन दोनों उपायों में उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता, उपकरणों की सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं।

अमेरिकी इंटरनेट गोपनीयता कंपनी DuckDuckGo ने भी EU के नियामक का समर्थन किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Google के सर्च डेटा को गुमनाम बनाने की व्यवस्था मजबूत है और अपील से Google को केवल समय मिल रहा है।

यह मामला Google और यूरोपीय संघ के नियामकों के बीच Digital Markets Act को लेकर बढ़ते विवाद को दर्शाता है। Google का तर्क है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए लागू किए जा रहे नियमों से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

-(इनपुटः Reuters)