नागालैंड में लैवेंडर खेती को बढ़ावा देने पर डॉ. जितेंद्र सिंह और टेमजेन इम्ना अलोंग की चर्चा

नागालैंड के मंत्री टेमजेन इम्ना अलोंग ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर राज्य में लैवेंडर आधारित कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप पर चर्चा की। बैठक में अरोमा मिशन के तहत ‘पर्पल रिवोल्यूशन’ की सफलता को नागालैंड में और आगे बढ़ाने तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देने पर विचार-विमर्श हुआ।

अरोमा मिशन से मिली नई दिशा

बैठक में बताया गया कि अरोमा मिशन के तहत ‘पर्पल रिवोल्यूशन’ की सफलता को नागालैंड ने वर्ष 2022 में अपनाया था। इसकी शुरुआत राज्य के ज़ुन्हेबोतो क्षेत्र में एक स्टार्टअप समूह द्वारा लैवेंडर की खेती से हुई थी। दोनों पक्षों ने इस पहल को राज्य के अन्य क्षेत्रों तक विस्तार देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की।

विज्ञान आधारित विकास पर दिया जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में रोजगार, उद्यमिता और मूल्यवर्धित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि अरोमा मिशन, लैवेंडर की खेती और सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियां विज्ञान आधारित विकास के जरिए नागालैंड की विशाल संभावनाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे किसानों, ग्रामीण समुदायों और नए उद्यमियों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार संभव होगा।

विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के सहयोग पर चर्चा

नागालैंड के मंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की उन योजनाओं पर भी चर्चा की, जिनके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और अवसंरचना विकास उपलब्ध कराया जाता है। बैठक में नागालैंड सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार कुझोलुज़ो (आज़ो) निएनु भी मौजूद रहे।

पूर्वोत्तर में विज्ञान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

टेमजेन इम्ना अलोंग ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। वहीं, कुझोलुज़ो (आज़ो) निएनु ने राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान के विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और प्रौद्योगिकी आधारित विकास के नए अवसर सृजित करने के दृष्टिकोण को साझा किया।

केंद्र-राज्य सहयोग मजबूत करने पर सहमति

बैठक का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि किसान-केंद्रित प्रौद्योगिकियों, मजबूत अनुसंधान साझेदारी, संस्थागत क्षमता सुदृढ़ीकरण और टिकाऊ आजीविका के अवसरों के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक विकास के परिणामों में बदलने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। (इनपुट: पीआईबी)

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