केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को छोटे क्लीनिकों के लिए ‘ई सुश्रुत क्लिनिक’ नामक हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य छोटे क्लीनिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और उन्हें सरकार समर्थित, किफायती तथा उपयोग में आसान डिजिटल समाधान उपलब्ध कराना है।
छोटे क्लीनिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के अधिकांश छोटे ओपीडी क्लीनिक अभी भी मैनुअल व्यवस्था पर निर्भर हैं। बड़े हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम महंगे और जटिल होने के कारण छोटे क्लीनिक उन्हें अपनाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में ‘ई सुश्रुत क्लिनिक’ इस कमी को दूर करेगा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा।
सरकारी और निजी क्लीनिकों में होगा उपयोग
सरकार की योजना इस सिस्टम को सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों में लागू करने की है। फिलहाल 800 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से 680 से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं।
कई डिजिटल सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर
यह एक क्लाउड आधारित हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से छोटे ओपीडी क्लीनिकों के लिए विकसित किया गया है। इसमें मरीजों का पंजीकरण, बिलिंग, एमआईएस रिपोर्टिंग, स्पीच-टू-टेक्स्ट, क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी खोजने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि इसके संचालन के लिए विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता न हो।
केवल पंजीकृत डॉक्टर ही कर सकेंगे उपयोग
इस प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत डॉक्टर ही कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल प्रमाणित चिकित्सकों को ही इस डिजिटल सुविधा का लाभ मिले।
एनएचए और सी-डैक के बीच होगा समझौता
डिजिटल हेल्थ सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और सी-डैक के बीच समझौता किया जाएगा। इसके तहत सी-डैक सॉफ्टवेयर का रखरखाव और अपग्रेडेशन करेगा, जबकि एनएचए वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा। एनएचए मरीजों को भेजे जाने वाले एसएमएस और क्लाउड होस्टिंग का खर्च भी वहन करेगा। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
299 रुपए प्रति माह में उपलब्ध होगी सेवा
‘ई सुश्रुत क्लिनिक’ की मूल कीमत 499 रुपए प्रति माह (पांच उपयोगकर्ताओं के लिए) निर्धारित की गई है। हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से 200 रुपए की सब्सिडी मिलने के बाद इसका प्रभावी शुल्क 299 रुपए प्रति माह रहेगा। इसके अलावा शुरुआती तीन महीने यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। पांच से अधिक उपयोगकर्ता जोड़ने पर प्रत्येक अतिरिक्त उपयोगकर्ता के लिए 50 रुपए प्रति माह का शुल्क देना होगा। (इनपुट-आईएएनएस)


