‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को मिली नई मजबूती, युवा संगम चरण-6 सफलतापूर्वक संपन्न

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम का चरण-6 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत आयोजित इस चरण का अंतिम दौरा 19 जून, 2026 को मध्य प्रदेश से झारखंड तक पूरा हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।

22 राज्यों के दौरों में शामिल हुए 1,100 से अधिक युवा

युवा संगम चरण-6 का पहला दौरा 8 मई, 2026 को राजस्थान से कर्नाटक के लिए शुरू हुआ था। इस चरण में 22 युग्मित राज्यों के 1.26 लाख से अधिक पंजीकृत विद्यार्थियों में से लगभग 1,100 प्रतिभागियों का चयन किया गया। इन युवाओं ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर वहां की संस्कृति, परंपराओं, शिक्षा व्यवस्था और विकास मॉडल को करीब से समझा।

राज्यपालों और वरिष्ठ अधिकारियों से किया संवाद

प्रतिनिधिमंडलों ने अपने मेजबान राज्यों के राज्यपालों से मुलाकात की, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने वाले प्रतिभागियों ने उपराज्यपालों से बातचीत की। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का दौरा करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। इन संवादों के माध्यम से प्रतिभागियों को सुशासन, संवैधानिक मूल्यों, नेतृत्व और समावेशी विकास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में लिया हिस्सा

प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों ने की। इस दौरान प्रतिभागियों ने शैक्षणिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विरासत भ्रमण, नवाचार प्रदर्शनियों और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की परंपराओं, विकास मॉडल और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को भी जाना।

विरासत स्थलों और नवाचार केंद्रों का किया भ्रमण

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों का दौरा किया। इमर्सिव लर्निंग अनुभव के तहत उन्होंने टी-हब जैसे प्रमुख इनक्यूबेशन केंद्रों, नवाचार एवं उद्यमिता इकोसिस्टम, अनुसंधान संस्थानों, विकास परियोजनाओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी अवलोकन किया। साथ ही यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों सहित राष्ट्रीय महत्व के विरासत स्थलों का भ्रमण कर भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत को करीब से समझा।

पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी रहा जोर

युवा संगम चरण-6 के दौरान प्रतिभागियों ने कलमकारी, वारली चित्रकला, आदिवासी कला, मिट्टी के बर्तन और हस्तशिल्प जैसी पारंपरिक कलाओं का अनुभव किया तथा स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों से संवाद किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, ग्राम भ्रमण और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों में भाग लेकर युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की।

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिली मजबूती

छह सप्ताह से अधिक समय तक चले युवा संगम चरण-6 ने प्रतिभागियों को भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों, खान-पान, परंपराओं और विकास की उपलब्धियों को निकट से जानने का अवसर दिया। कार्यक्रम ने युवाओं के बीच आपसी संवाद, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हुए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को नई मजबूती प्रदान की। (इनपुट: पीआईबी)