विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में चल रहे 2025 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में द्विपक्षीय सहयोग, पश्चिम एशिया की स्थिति, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “#BRICS2025 के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलकर अच्छा लगा। द्विपक्षीय सहयोग, पश्चिम एशिया, ब्रिक्स और एससीओ पर चर्चा हुई।”
रूस के विदेश मंत्रालय ने भी ‘एक्स’ पर पुष्टि की कि यह बैठक ब्रिक्स सम्मेलन के इतर 6 जुलाई को हुई। इस दौरान जयशंकर और लावरोव ने द्विपक्षीय मुद्दों और वैश्विक चुनौतियों पर विचार साझा किए। जयशंकर ने लावरोव के साथ ली गई एक तस्वीर भी साझा की। इस बैठक की अहमियत इस वजह से भी बढ़ जाती है क्योंकि इसी सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया।
रूस ने इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता दिखाई है। रूस ने पहले ही मई 2025 में यह रुख स्पष्ट कर दिया था, जब एक भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (जिसका नेतृत्व कर रहीं थीं डीएमके सांसद कनिमोई करुणानिधि) ने मॉस्को में रूस की फेडरेशन काउंसिल के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात की थी। इस दौरान रूस के अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के पहले उपाध्यक्ष आंद्रेई डेनिसोव ने भी भारत के साथ एकजुटता जताई थी।
यह पूरी कूटनीतिक पहल भारत द्वारा चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए पाकिस्तान की लगातार हो रही सीमा पार आतंकवाद की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जा रहा है।-(IANS)


