यूरोपीय संघ के नेताओं की पहली रक्षा बैठक, सैन्य क्षमताएं बढ़ाने पर जोर 

यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने अपनी पहली रक्षा बैठक आयोजित की। इसमें सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने, रक्षा वित्तपोषण में बढ़ोतरी और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैन्य उपकरण उत्पादन में तेजी लाने के लिए यूरोपीय रक्षा उद्योग को मजबूत करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया।

सकल घरेलू उत्पाद का औसतन 2 प्रतिशत रक्षा के लिए आवंटित किया गया

कोस्टा के अनुसार, 23 यूरोपीय संघ के सदस्यों के बीच रक्षा व्यय में 2021 और 2024 के बीच 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद का औसतन 2 प्रतिशत रक्षा के लिए आवंटित किया गया। यूरोपीय निवेश बैंक ने रक्षा वित्तपोषण के लिए अपने समर्थन का विस्तार किया है, जबकि अतिरिक्त वित्तपोषण पर चर्चा चल रही है, विशेष रूप से 2028 में शुरू होने वाले अगले यूरोपीय संघ के बजट चक्र के लिए। नाटो महासचिव मार्क रूटे और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टार मर भी बैठक में शामिल हुए जिसमें यूक्रेन में चल रहा संघर्ष एक केंद्रीय विषय बना रहा। यूरोपीय संघ के नेताओं ने यूक्रेन को ‘जब तक जरूरी हो’ समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

आने वाले वर्षों में महाद्वीप की रक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पर इतना भरोसा नहीं किया जा सकता

कोस्टा ने जोर देकर कहा कि यूरोपीय संघ अब इस बात पर बहस कर रहा है कि अपनी रक्षा को कैसे अधिक सक्षम बनाया जाए ताकि स्वतंत्र यूरोपीय सुरक्षा ढांचे के निर्माण की तत्काल जरूरत पूरी हो सके। यूरोपीय देशों ने हाल के वर्षों में रक्षा खर्च में पहले ही वृद्धि कर दी है। इसके दो कारण है पहला – रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण और दूसरा इस सोच को मिलता बल कि आने वाले वर्षों में महाद्वीप की रक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पर इतना भरोसा नहीं किया जा सकता। (इनपुट-आईएएनएस)

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