केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया। पहली बार आयोजित इस बड़े संवाद में एनसीआर के 63 शहरों के महापौर और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि एकजुट हुए और स्वच्छ हवा के लिए शपथ ली। यादव ने जनप्रतिनिधियों से स्वच्छ वायु मिशन को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
वैज्ञानिक और डेटा आधारित दृष्टिकोण जरूरी
भूपेंद्र यादव ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित दृष्टिकोण को जमीनी स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है। इसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने महापौरों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और नागरिकों को अनावश्यक प्रदूषण रोकने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
स्थानीय निकाय पहली प्रतिक्रिया देने वाली संस्थाएं
मंत्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय किसी भी पर्यावरणीय चुनौती के लिए पहली प्रतिक्रिया देने वाली संस्थाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयासों के जरिए वे व्यापक बदलाव ला सकते हैं। इसलिए वायु प्रदूषण के खिलाफ अभियान में महापौरों और स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बढ़ते शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती
भूपेंद्र यादव ने तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों और उसके साथ बढ़ रही ठोस अपशिष्ट की समस्या को भी रेखांकित किया। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2025 को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधि पहले खुद उठाएं सकारात्मक कदम
उन्होंने स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी अपनी शक्तियों और जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझने का आग्रह किया। यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नागरिकों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए पहले खुद सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
सड़कों के किनारे हरित आवरण बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय निकायों से सड़कों के किनारे स्थानीय और सूखा-रोधी घास की प्रजातियां लगाने तथा हरित आवरण बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सफाई और कचरा प्रबंधन में बढ़े जनभागीदारी के अवसर
भूपेंद्र यादव ने प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग तथा बायोमास जलाने की रोकथाम के साथ-साथ निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के अधिक अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुआ संवाद
वायु प्रदूषण के मुद्दे पर निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय द्वारा आयोजित यह अब तक का पहला इतना बड़ा संवाद था। इसमें एनसीआर के 63 शहरों के महापौरों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संवाद का उद्देश्य स्वच्छ हवा के लिए केंद्र, स्थानीय निकायों और नागरिकों के बीच समन्वित प्रयासों को मजबूत करना रहा। (इनपुट: पीआईबी)


