31/07/24 | 9:49 pm | indian air force | Tarang shakti

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पहली बार छह अगस्त से बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की मेजबानी करेगा भारत

भारतीय वायु सेना पहली बार बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की मेजबानी करेगा। अभ्यास में शामिल होने के लिए 51 देशों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें 12 देशों की वायु सेनाओं ने भारत आने की सहमति दे दी है। छह देश अपने अग्रणी लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और मध्य-हवा में ईंधन भरने वाले विमानों के साथ सक्रिय रूप से भाग लेंगे। दो चरणों में होने वाले अभ्यास में 100 से अधिक विमानों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यास का मुख्य फोकस ‘आत्मनिर्भरता’ के तहत स्वदेशी क्षमताओं का प्रदर्शन करना होगा।

दो चरणों में आयोजित होगा तरंग शक्ति हवाई अभ्यास

वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने आज बुधवार को वायु सेना ऑडिटोरियम में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारतीय वायु सेना इस साल अगस्त में अपना पहला बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति-2024 आयोजित करके इतिहास रचने जा रही है। यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 6-14 अगस्त तक दक्षिण भारत के सुलूर में शुरू होगा। इसमें जर्मनी, फ़्रांस, स्पेन और ब्रिटेन की वायु सेनाएं हिस्सा लेंगी। उसके बाद दूसरा चरण 6-14 सितंबर तक पश्चिमी क्षेत्र के जोधपुर में होगा, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, बांग्लादेश, सिंगापुर, यूएई की वायु सेनाएं शामिल होंगी।

एयर मार्शल ने बताया कि भारतीय वायु सेना की मेजबानी में होने वाला यह पहला बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है। दोनों चरणों में 100 से अधिक विमानों के शामिल होने की संभावना है। ‘तरंग शक्ति’ के लिए 51 देशों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें 12 देशों की वायु सेनाएं भाग लेंगी और छह मित्र देश अपने अग्रणी लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और मध्य-हवा में ईंधन भरने वाले विमानों के साथ सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इस अभ्यास में भाग लेने के लिए अपने एफ-35 विमान लाएगा, एयर मार्शल सिंह ने कहा कि नहीं, हमारी योजना में एफ-35 विमान शामिल नहीं है। अमेरिका अपने एफ-16 और ए-10 विमानों के साथ भाग लेगा। इसमें 18 देश पर्यवेक्षकों के रूप में शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि मित्र देशों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाए जाने की योजना है। अभ्यास के दौरान सुलूर और जोधपुर दोनों जगहों पर ‘मेड इन इंडिया’ की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य प्रतिभागी वायु सेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत को बढ़ावा देना, उनके साथ व्यवसाय बढ़ाना और मूल्यवान अंतर्दृष्टि के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है। यह अभ्यास इन देशों के लिए सहयोग करने और अपनी सामरिक और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने का एक अनूठा मौका देगा। इस अभ्यास में एलसीए तेजस, एलसीएच प्रचंड और अन्य हथियार प्रणालियों सहित स्वदेशी उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ भारत और अन्य देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रमाण है।

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