प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन और नेतृत्व की अपनी कार्यशैली, भारत में सुधारों और कल्याणकारी योजनाओं के साथ सांस्कृतिक गौरव के समन्वय तथा समृद्ध भारत के दृष्टिकोण से जुड़े तीन लेख सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। इनमें पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, स्वपन दासगुप्ता और माता अमृतानंदमयी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया है।
नृपेंद्र मिश्रा ने मोदी की कार्यशैली को बताया नेतृत्व की कुंजी
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया। लेख में मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व को उनकी कार्यपद्धति के माध्यम से सबसे बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री की तैयारी, निर्णायक कार्रवाई और समाधान खोजने पर केंद्रित कार्यशैली का उल्लेख किया है।
शासन में तैयारी और निर्णायक कार्रवाई पर जोर
लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली ने शासन और परिणामों के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार दिया है। इसमें तैयारी के साथ निर्णय लेने और समस्याओं के समाधान पर लगातार ध्यान देने को उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं के रूप में रेखांकित किया गया है।
स्वपन दासगुप्ता ने दो-ध्रुवीय सोच से आगे बढ़ने की बात कही
पीएम नरेंद्र मोदी ने लेखक और राज्यसभा के पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता का एक अन्य लेख भी साझा किया। इसमें दासगुप्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने दो-ध्रुवीय सोच को पीछे छोड़ते हुए भारत की गाथा को नए तरीके से प्रस्तुत किया है।
सुधार और कल्याण को साथ लेकर चलने का उल्लेख
लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में सुधारों और कल्याण, सांस्कृतिक गौरव और प्रौद्योगिकी को एक साथ लाया गया है। इसमें लक्षित कल्याणकारी वितरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म को आर्थिक सुधारों के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से कल्याणकारी योजनाओं को मिला आधार
दासगुप्ता के लेख के अनुसार, लक्षित कल्याणकारी वितरण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आर्थिक सुधारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इससे विकास, तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं को एक व्यापक नीति दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ाने की तस्वीर सामने आती है।
माता अमृतानंदमयी ने समृद्ध भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया
प्रधानमंत्री मोदी ने माता अमृतानंदमयी के एक लेख को भी साझा किया। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के समृद्ध भारत के दृष्टिकोण और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के प्रयासों को रेखांकित किया है।
सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण पर जोर
लेख में सामाजिक सुधार, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, युवाओं और पर्यावरण से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को भी प्रधानमंत्री के व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा बताया गया है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास पर जोर
माता अमृतानंदमयी के लेख में समृद्ध भारत के निर्माण के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है। लेख में सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ संस्कृति, पर्यावरण, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को समान महत्व दिए जाने की बात कही गई है।
पीएमओ ने एक्स पर साझा किए लेखों के अंश
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर इन लेखों के प्रमुख अंश साझा किए। नृपेंद्र मिश्रा के लेख में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की कार्यपद्धति, स्वपन दासगुप्ता के लेख में सुधार और कल्याण के समन्वय तथा माता अमृतानंदमयी के लेख में समृद्ध भारत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े दृष्टिकोण को प्रमुखता दी गई है। (इनपुट: पीआईबी)


