दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर उच्च-स्तरीय बैठक, केंद्र ने राज्यों को एक्शन प्लान तेजी से लागू करने के निर्देश दिए

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे पिछले पांच बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू करें। बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।

बैठक में सड़क सुधार, धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, उद्योगों द्वारा उत्सर्जन मानकों का पालन, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, ठोस कचरा प्रबंधन और खुले क्षेत्रों में हरियाली जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने सभी विभागों को अगले वर्ष के लिए विस्तृत वार्षिक एक्शन प्लान तैयार करने को कहा, जिनमें मासिक और साप्ताहिक लक्ष्य शामिल हों।

उद्योगों पर कार्रवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 2,254 प्रदूषण-बहुलता, औद्योगिक इकाइयों (जैसे मेटल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेड-कैटेगरी उद्योग) को 31 दिसंबर 2025 तक OCEMS और APCDs लगाना अनिवार्य किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जो इकाइयां समय पर इन उपकरणों को नहीं लगाएंगी, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि बंद करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। यह भी बताया गया कि बाजार में इन उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सड़क विकास कार्यों पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि गड्ढों की मरम्मत और अन्य निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। ऐप-आधारित निगरानी और नागरिकों से रियल-टाइम फीडबैक प्राप्त कर सुधारात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। दिल्ली में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की गहन और नियमित निगरानी करने तथा अधिक संख्या में मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनें (MRSMs) तैनात करने के निर्देश दिए गए।

62 ट्रैफिक जाम हॉटस्पॉट्स पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसमें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, अतिक्रमण हटाना, अवैध पार्किंग समाप्त करना, पीक आवर्स में अतिरिक्त पुलिस तैनाती और फुट-ओवर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर तेजी से जारी करने जैसी कार्रवाइयों पर जोर दिया गया।

सार्वजनिक परिवहन पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में लगभग 3,400 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और मार्च 2026 तक यह संख्या 5,000 से अधिक हो जाएगी। उच्च जनसंख्या वाले क्षेत्रों में एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1 नवंबर 2025 से BS-III और उससे नीचे के कमर्शियल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

हरियाली बढ़ाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनसीआर के सभी संभावित स्थानों की पहचान कर वहां पौधरोपण किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों के इको-क्लब एवं ग्रीन-वारियर समूहों को पुनर्जीवित करने तथा अगले पांच वर्षों का माइक्रो-प्लान तैयार कर इसे इस सर्दी से लागू करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में पर्यावरण मंत्रालय, सीएक्यूएम, सीपीसीबी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सरकारों, एनसीआर शहरों के नगर आयुक्तों और संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।-(PIB)