भारतीय-अमेरिकी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और 2026 पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी ने कहा है कि HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन भारत में सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकती है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में इस बीमारी को भारत से खत्म करना संभव होगा।
एक साक्षात्कार में डॉ. नोरी ने कहा, “HPV वैक्सीन के आने से अब हमारे पास बढ़त है और अगले कुछ वर्षों में हम भारत से सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने में सफल हो सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसकी रोकथाम, समय पर पहचान और सफल इलाज संभव है, इसलिए इस बीमारी से होने वाली मौतें बेहद दुखद हैं।
डॉ. नोरी के अनुसार, भारत में हर दिन करीब 200 महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है। उन्होंने लड़कियों के लिए मुफ्त HPV टीकाकरण शुरू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बीमारी की रोकथाम को काफी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र, विशेषकर कैंसर की रोकथाम और उपचार में हुए सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (National Cancer Institute) की स्थापना, देशभर में कैंसर उपचार केंद्रों का विस्तार, मरीजों को आर्थिक सहायता और कीमोथेरेपी दवाओं की लागत कम करने जैसे कदम महत्वपूर्ण रहे हैं।
डॉ. नोरी ने कहा, “भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं। कैंसर देखभाल को मजबूत करने के लिए कई अहम कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।”
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत कैंसर की रोकथाम, शुरुआती जांच (स्क्रीनिंग), पहचान और उपचार के क्षेत्र में आगे भी महत्वपूर्ण प्रगति करेगा।
अपने जीवन के बारे में बात करते हुए डॉ. नोरी ने बताया कि वह करीब 50 वर्ष पहले अमेरिका गए थे और वहां चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए एक प्रतिष्ठित आइवी लीग मेडिकल स्कूल में विभागाध्यक्ष बने।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2026 का पद्म भूषण, जो भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, प्रदान किया गया।
-(इनपुटःएजेंसी)


