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भारत और मंगोलिया ने की द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा, रणनीतिक साझेदारी पर जोर

भारत और मंगोलिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में एक बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा, दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में उच्च स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई।

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने मंगोलिया के विदेश मंत्रालय के राज्य सचिव मुंखतुषिग लखानाजव के साथ परामर्श बैठक की। इस दौरान उन्होंने विकास साझेदारी, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, संपर्क, संस्कृति, क्षमता निर्माण, खनन, रक्षा और सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, “सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने मंगोलिया के विदेश मंत्रालय के राज्य सचिव मुंखतुषिग लखानाजव के साथ बैठक की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान बनाए रखने और 70वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति जताई है।”

बैठक में दोनों देशों ने विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) को सचिव स्तर तक औपचारिक रूप से अपग्रेड करने का निर्णय लिया। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए।

गौरतलब है कि भारत और मंगोलिया के संबंध ऐतिहासिक रूप से 2,000 साल पुराने हैं। 20वीं शताब्दी में मंगोलिया के एक आधुनिक राष्ट्र बनने के बाद, दोनों देशों ने अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत किया। 17 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगोलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी।

भारत ने 24 दिसंबर 1955 को मंगोलिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। भारत ने मंगोलिया को संयुक्त राष्ट्र (UN) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की सदस्यता दिलाने में भी समर्थन दिया था।

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