मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत-ईरान संवाद, संपर्क में रहने पर सहमति

विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच बुधवार शाम अहम टेलीफोनिक बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात और मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने आगे भी लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

मौजूदा हालात पर गहन चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बातचीत में मौजूदा परिस्थितियों के कई पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मध्य पूर्व में सक्रिय कूटनीति

अराघची हाल के दिनों में पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे पर रहे हैं। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने मध्य पूर्व के हालात और विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनावपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

ओमान में क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर

ओमान में अराघची ने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद और विदेश मंत्री बदर बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। उन्होंने सुरक्षित समुद्री ट्रांजिट और क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इससे न केवल पड़ोसी देशों बल्कि वैश्विक समुदाय को भी लाभ होगा।

रूस में पुतिन से मुलाकात, समर्थन की मांग

अपने दौरे के अंतिम चरण में अराघची ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय हालात और अमेरिका तथा इजराइल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

व्लादिमीर पुतिन का शांति भरोसा

रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने शांति बहाली के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया और ईरान के साथ संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ा संवाद

इस पूरी कूटनीतिक गतिविधि को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है और वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रमुख देशों के बीच संवाद लगातार बढ़ रहा है। (इनपुट: आईएएनएस)

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