भारत-मैक्सिको व्यापार वार्ता शुरू, प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हुए हस्ताक्षर

भारत और मैक्सिको ने आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। दोनों देशों ने बुधवार को ‘प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट’ (PTA) के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) पर हस्ताक्षर कर व्यापार वार्ता की औपचारिक शुरुआत कर दी।

वार्ता की औपचारिक शुरुआत कैसे हुई?

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और मैक्सिको के विदेश व्यापार उप-सचिव लुइस रोसेंडो गुटिरेज़ रोमानो ने इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया। वाणिज्य विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, “हमारा साझा लक्ष्य है—व्यापार का विस्तार करना, निवेश के नए रास्ते खोलना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करना।”  बयान में जोर दिया गया कि दोनों देश संतुलित, महत्वाकांक्षी और आपसी फायदे वाली बातचीत के जरिए छिपी संभावनाओं को वास्तविक समृद्धि में बदलने के लिए तैयार हैं।

किन उत्पादों को मिलेगा फायदा?

प्रस्तावित समझौते में भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों—ऑटोमोबाइल, कपड़ा, जूते-चप्पल, प्लास्टिक, स्टील, रसायन और खिलौने—को शामिल किए जाने की संभावना है। मैक्सिको की नई टैरिफ व्यवस्था के तहत इन पर फिलहाल 50 प्रतिशत तक शुल्क लगता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में मैक्सिको को भारत का कुल वस्तु निर्यात 5.73 अरब डॉलर रहा, जिसमें अकेले ऑटोमोबाइल का योगदान 1.92 अरब डॉलर था।

मैक्सिको दौरे पर क्या-क्या हुआ?

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मैक्सिको सिटी पहुंचे। उन्होंने मैक्सिको के विदेश मंत्रालय में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के महानिदेशक फर्नांडो गोंजालेज सैफे के साथ भारत-मैक्सिको संबंधों पर सार्थक चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग, एक-दूसरे से सीखने और अपनी खूबियों का लाभ उठाने के अवसरों पर बात की। अग्रवाल ने राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मैक्सिको की रुचि की सराहना की और भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत तालमेल, भारत की लगभग 7 प्रतिशत विकास दर और व्यापार-निवेश की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने PTA को प्रशांत महासागर के पार साझा समृद्धि का सेतु बनाने का अवसर बताया। इसके अलावा, वाणिज्य सचिव ने भारतीय और मैक्सिकन व्यापार जगत के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में नए अवसरों की पहचान, चुनौतियों के समाधान और व्यापार-निवेश संबंधों को और गहरा बनाने पर चर्चा हुई। (इनपुट-एजेंसी)