भारत और मोरक्को के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने की दिशा में मंगलवार को नई दिल्ली में संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। दोनों देशों ने प्रशिक्षण एवं सैन्य शिक्षा, शांति स्थापना अभियानों, सैन्य अभ्यासों, चिकित्सा सहयोग, साइबर सुरक्षा और रक्षा उद्योग समेत आपसी हित से जुड़े कई क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों को और मजबूत तथा व्यापक बनाने पर सहमति जताई। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब 2027 में भारत और मोरक्को के बीच द्विपक्षीय सहयोग की 70वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
अमिताभ प्रसाद और अब्देल्लाह अथमानी ने की सह-अध्यक्षता
बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और मोरक्को की रॉयल आर्म्ड फोर्सेज के द्वितीय ब्यूरो के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा विभाग, तीनों सेनाओं, एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय, रक्षा उत्पादन विभाग, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
7 से 10 सितंबर तक भारत दौरे पर मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल
मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल 7 से 10 सितंबर 2026 तक भारत के दौरे पर है। ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने दौरे की शुरुआत की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भारत की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमताओं की जानकारी लेने के लिए नई दिल्ली स्थित डीपीएसयू भवन में रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
रक्षा उद्योग में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा
भारत और मोरक्को ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया। दोनों पक्षों ने सह-उत्पादन, संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी सहयोग, रखरखाव और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई। इससे दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक संबंधों को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
सैन्य चिकित्सा क्षमताओं से परिचित होगा मोरक्को
मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल भारत की सैन्य चिकित्सा क्षमताओं और विशेषज्ञताओं की जानकारी लेने के लिए आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) का दौरा करेगा। इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य चिकित्सा व्यवस्था और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से प्रतिनिधिमंडल को परिचित कराया जाएगा।
2025 में राजनाथ सिंह की मोरक्को यात्रा से मिली थी गति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सितंबर 2025 में मोरक्को की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस यात्रा ने भारत और मोरक्को के बीच रक्षा संबंधों को नई गति दी थी। संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक इसी समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित संस्थागत तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रक्षा सहयोग को व्यापक बनाने पर जोर
संयुक्त रक्षा समिति की बैठक के जरिए दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य के सहयोग की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। प्रशिक्षण, सैन्य शिक्षा, संयुक्त अभ्यास, शांति स्थापना अभियानों, चिकित्सा और साइबर सुरक्षा के साथ रक्षा उद्योग को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
2027 में संबंधों की 70वीं वर्षगांठ
भारत और मोरक्को 2027 में अपने द्विपक्षीय सहयोग की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे। ऐसे में संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को संस्थागत और दीर्घकालिक आधार पर आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


