फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पूर्ण बैठक बुधवार से पेरिस में शुरू हो रही है। इस बैठक में भारत पाकिस्तान की आतंकवाद वित्तपोषण संबंधी गतिविधियों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। खासतौर पर जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर पर फोकस रहेगा।
भारत की रणनीति क्या है?
पिछले कुछ दिनों में अनौपचारिक बातचीत के जरिए भारत ने विभिन्न देशों में तैनात अपने राजनयिकों से अधिकतम समर्थन जुटाने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल अजहर के खिलाफ मजबूत मामला पेश करेगा और पाकिस्तान पर आरोप लगाएगा कि उसने उसकी गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। भारत का तर्क है कि अजहर पाकिस्तान की धरती पर ही सक्रिय रहा है और उसने भारतीय लक्ष्यों पर हमलों की साजिश रची है। जैश-ए-मोहम्मद को संसद, पठानकोट और पुलवामा हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
ग्रे लिस्ट का पुराना संदर्भ
2018 में लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की कमी के कारण पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था। उस समय भारत ने जैश-ए-मोहम्मद का मुद्दा भी उठाया था। इस बार नई दिल्ली ने अजहर और जैश-ए-मोहम्मद पर अपना फोकस और तेज कर दिया है।अफगानिस्तान वाला दावा कैसे टूटा?लंबे समय तक पाकिस्तान यह कहकर बचता रहा कि अजहर अफगानिस्तान में है। अब पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध खराब होने के बाद स्थिति बदली है। सितंबर में तालिबान प्रवक्ता जिया अहमद ने स्पष्ट किया कि अजहर अफगानिस्तान में नहीं है और पाकिस्तान ने इस संबंध में कोई औपचारिक सूचना भी नहीं भेजी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ नहीं होने देगा। इस बयान ने भारत के पक्ष को और मजबूती दी है।
मौजूदा स्थिति और FATF अध्यक्षता
अधिकारियों का कहना है कि अजहर की तबीयत खराब होने या उसके न रहने की खबरें गलत हैं। वह अभी भी पाकिस्तान में मौजूद है। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा उस पर इनाम बढ़ाने की घोषणा को भी भारत पक्ष से औपचारिकता मात्र बताया जा रहा है। FATF की अध्यक्षता इस समय यूनाइटेड किंगडम के जाइल्स थॉमसन कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के आतंकवाद-विरोधी प्रयासों की समीक्षा करेंगे। 28 से 30 अक्टूबर तक चलने वाली इस पूर्ण बैठक में भारत चाहता है कि FATF इस्लामाबाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाए। भारत ने सदस्य देशों के बीच समर्थन जुटाने में प्रगति की है और अजहर के ठिकाने, गतिविधियों तथा फंडिंग से जुड़ी जानकारी के आधार पर अपना पक्ष रखने की तैयारी में है। (इनपुट-एजेंसी)


