भारत की राजनीति में ऐसे नेता बहुत कम हुए हैं जो हर वर्ग को अपनी दृष्टि, नीतियों और कार्यशैली से जोड़ पाए हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व इसी अनोखे समन्वय का प्रतीक है। उनकी लोकप्रियता का रहस्य इस बात में है कि उन्होंने गरीब से लेकर उद्योगपति तक हर वर्ग को अपने सपनों की डोर से जोड़ा है। यही कारण है कि मोदी आज केवल एक राजनेता नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए उम्मीद, विश्वास और परिवर्तन का नाम बन चुके हैं।
गरीबों को मुख्यधारा में जोड़ने का विजन
नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री रहते हुए सबसे ज्यादा काम गरीबों के लिए किया। जिस व्यक्ति ने अपने जीवन की शुरुआत साधारण पृष्ठभूमि से की हो वह गरीबी की पीड़ा और ज़रूरतों को भली-भांति समझ सकता है। मोदी ने इसी संवेदना को नीतियों में ढाला। उनकी योजनाओं में इसका असर साफ-साफ नजर आता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों बेघरों को पक्का घर मिला, उज्ज्वला योजना ने गरीब महिलाओं के जीवन में धुएं से मुक्त रसोई का सपना पूरा किया। मुफ्त राशन योजना ने महामारी के कठिन समय में भी करोड़ों परिवारों को भूख से बचाया। आजादी के बाद पहली बार गरीब वर्ग को यह अहसास हुआ कि दिल्ली की सत्ता भी उनके जीवन की बुनियादी ज़रूरतों को समझती और पूरा करती है। यही वजह है कि मोदी को गरीब जनता ने अपना ‘मसीहा’ माना है।
मिडिल क्लास के लिए टैक्स-फ्री राहत
भारत का मध्यम वर्ग वह वर्ग है जो मेहनत करता है, टैक्स चुकाता है और राष्ट्र की विकास यात्रा में चुपचाप योगदान देता है। लंबे समय तक यह वर्ग नीतिगत उपेक्षा का शिकार रहा। लेकिन मोदी सरकार ने टैक्स सुधारों और सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं से इसे राहत देने का काम किया।
इनकम टैक्स स्लैब में राहत, जीएसटी 2.0 और डिजिटल इंडिया अभियान ने मिडिल क्लास को आर्थिक रूप से सशक्त किया। पहले जहां टैक्स चुकाने वाला आम नागरिक यह सोचता था कि उसकी मेहनत की कमाई का उपयोग कहां हो रहा है, वहीं अब उसे सीधे लाभ योजनाओं और पारदर्शी व्यवस्था का अनुभव हुआ है। इस वर्ग को मोदी में वह नेता दिखाई दिया जिसने पहली बार उन्हें केवल करदाता नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के सहभागी के रूप में सम्मान दिया।
अपर मिडिल क्लास के लिए अभूतपूर्व अवसर
मोदी के कार्यकाल का एक बड़ा आयाम यह रहा है कि उन्होंने देश के अपर मिडिल क्लास यानी पेशेवरों, उद्यमियों और स्टार्टअप संस्कृति को भी नए अवसरों से जोड़ा। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहल ने युवाओं और महत्वाकांक्षी वर्ग के सामने अभूतपूर्व संभावनाएं खोलीं।
आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स और नवाचार आधारित उद्योगों में तेजी से बढ़ती कंपनियों ने एक नया मध्यवर्गीय सपना गढ़ा है, जहां केवल नौकरी करना ही नहीं बल्कि खुद रोजगार देने वाले बनने की चाहत पूरी होती है। पीएम मोदी ने इस वर्ग को दिखाया कि भारत केवल उपभोक्ता देश नहीं बल्कि सृजनशीलता और अवसरों की धरती भी है।
भारत की विकास यात्रा के प्रति भरोसा जगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों ने भारत के शीर्ष उद्योगपतियों को भी यह भरोसा दिलाया कि भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का इंजन बन सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए सुधारों ने उद्योगजगत को प्रेरित किया।
देश-विदेश के तमाम बड़े कॉरपोरेट घराने पीएम मोदी की नीतियों में वह विश्वास देखते हैं जिसने उन्हें भारत की विकास यात्रा का सहभागी बनाया। विदेशी निवेशक भी भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद गंतव्य मानने लगे हैं। यह सब केवल आर्थिक सुधारों से नहीं बल्कि उस आत्मविश्वास से संभव हुआ जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया’ के विज़न में समाहित किया।
सबको जोड़ने वाला नेतृत्व
गरीबों के लिए मसीहा, मिडिल क्लास के लिए टैक्स राहत, अपर मिडिल क्लास के लिए अभूतपूर्व अवसर और टॉप इंडस्ट्रियलिस्ट्स के लिए विश्वास, यही चार स्तंभ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को अद्वितीय बनाते हैं। मोदी के इसी विजन से हर सामाजिक और आर्थिक वर्ग ने खुद को जोड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह समन्वय ही उन्हें आज का सबसे लोकप्रिय और सर्वमान्य नेता बनाता है। उनकी राजनीति का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल नारा नहीं बल्कि एक जीवंत वास्तविकता है जो गरीब से अमीर तक हर भारतीय के जीवन में झलकती है।
-(वरिष्ठ पत्रकार अमित शर्मा की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज सर्विस के साथ जुड़े हैं।)


