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AI तकनीक से बढ़ेगी औषधीय पौधों की गुणवत्ता, मजबूत होगी सप्लाई चेन

कृषि स्तर (फार्म-गेट) से लेकर बाजार तक औषधीय पौधों की गुणवत्ता, पहचान और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक अहम भूमिका निभाएगी। यह बात आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों ने कही।

ये विशेषज्ञ IIT दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार “फार्म-गेट पर औषधीय पौधों की गुणवत्ता आंकलन के लिए टूल्स के डिजाइन और विकास” विषय पर बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) और आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (ITRA) के विशेषज्ञ भी शामिल हुए।

सेमिनार का उद्देश्य औषधीय पौधों की खेती के शुरुआती स्तर पर ही गुणवत्ता जांच, पहचान और मानकीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आयुष उत्पादों पर भरोसा और मजबूत हो।

NMPB के CEO प्रो. महेश कुमार दाधिच और ITRA की निदेशक प्रो. तनुजा नेसरी ने कहा कि इननोवेशन, रेगुलेशन और पारंपरिक ज्ञान को एक साथ जोड़ना जरूरी है, ताकि भारतीय औषधीय कच्चे माल की वैश्विक साख मजबूत हो सके।

कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, टेक्नोलॉजिस्ट, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सेमिनार में खेती से लेकर सप्लाई चेन तक पूरे वैल्यू चेन पर चर्चा हुई।

ICAR, WHO, IIT दिल्ली, आयुष मंत्रालय और CCRAS के विशेषज्ञों ने बताया कि भारत AI आधारित डायग्नोसिस, डिजिटल ट्रैकिंग और क्वालिटी फ्रेमवर्क अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

साथ ही, वृक्ष आयुर्वेद जैसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करने पर भी जोर दिया गया।