केन्या की कैबिनेट सचिव ने भारतीय डिजिटल प्रणाली की सराहना की  

केन्या गणराज्य की कैबिनेट सचिव मर्सी वानजाउ पिछले दिनों भारत के दौरे पर थीं। वानजाउ ने नई दिल्ली में एक केन्याई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया। हालांकि, वह एक स्टडी मिशन के लिए आई थीं, लेकिन मर्सी वानजाउ ने भारतीय प्रणाली, विशेषकर डिजिटल प्रणाली की बारीकी से अध्ययन किया। 

मर्सी वानजाउ ने ‘एक्स’ पर भारतीय डिजिटल प्रणाली की खूबियों की प्रशंसा की और कहा कि यह मॉडल केन्या के लिए उपयोगी होगा

मर्सी वानजाउ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भारतीय प्रणाली की विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जिसको अपनाने में केन्या को बड़ी मदद मिल सकती है। पिछले हफ्ते मुझे भारत के एक अध्ययन मिशन पर केन्याई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला। हमारा लक्ष्य यह समझना था कि भारत ने किस तरह डिजिटल प्रणालियां विकसित की हैं जो आम नागरिकों को आसानी से, तेजी से और कम कागजी कार्रवाई के साथ सेवाओं तक पहुंचने में मदद करती हैं।

भारत चौथी अर्थव्यवस्था बना है, जिसकी वृद्धि सर्वसमावेशी तकनीक से संभव हुई जो शहरों से गांवों तक सभी के लिए उपयोगी है

क्या आप जानते हैं कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है? इस वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा ऐसी तकनीक के निर्माण से आया है जो सभी के लिए काम करती है, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक। यहां कुछ प्रमुख सबक दिए गए हैं जो केन्या में हमारी अपनी यात्रा से मेल खाते हैं।

आधार प्रत्येक नागरिक को विशिष्ट संख्या देता है, जिसका उपयोग बैंक खाता, सरकारी लाभ और सिम पंजीकरण जैसे अनेक कार्यों में होता है

भारत की आधार प्रणाली प्रत्येक नागरिक को एक विशिष्ट संख्या प्रदान करती है। इसका उपयोग बैंक खाते खोलने, सरकारी सहायता प्राप्त करने, सिम कार्ड पंजीकृत करने आदि के लिए किया जाता है। केन्या के लिए सबक स्पष्ट है कि एक विश्वसनीय डिजिटल आईडी सरकार के साथ काम करना आसान बना सकती है और धोखाधड़ी और दोहराव को कम कर सकती है।

भारत अवसंरचना योजनाओं हेतु साझा डिजिटल मानचित्र उपयोग करता है, जिससे केंद्र और राज्यों को एक समान डेटा पर बेहतर समन्वय मिलता है

भारत सड़कों, स्कूलों, जल परियोजनाओं, बिजली लाइनों आदि के लिए एक साझा डिजिटल मानचित्र का उपयोग करता है। राष्ट्रीय और राज्य सरकारें एक ही डेटा से समन्वय करती हैं। केन्या में इस तरह की एकीकृत योजना दोहराव वाली परियोजनाओं को कम कर सकती है, पैसे बचा सकती है और राष्ट्रीय और काउंटी सरकारों को एक साथ बेहतर ढंग से काम करने में मदद कर सकती है।

एआई भाषिनी भारत का उपयोग करके डिजिटल सेवाओं का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करने में मदद कर रही है

एआई भाषिनी भारत को एआई का उपयोग करके डिजिटल सेवाओं का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करने में मदद कर रही है। यह सुनिश्चित करता है कि भाषा की बाधाओं के कारण लोग वंचित न रहें। उसने हमें स्वाहिली और हमारी स्थानीय भाषाओं में सेवाओं को मजबूत करने के लिए एआई का उपयोग करने के अवसर की याद दिलाई, ताकि हर केन्याई इसमें शामिल महसूस करे।

यूपीआई भारत की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली है, जो किसी भी बैंक से दूसरे बैंक में तुरंत, निशुल्क और बिना देरी धन हस्तांतरण की सुविधा देती है

यूपीआई भारत की राष्ट्रीय डिजिटल भुगतान प्रणाली है। यह किसी को भी किसी भी बैंक से दूसरे बैंक में तुरंत पैसे भेजने की सुविधा देता है, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के। केन्या, जो पहले से ही मोबाइल मनी में अग्रणी है, के लिए इसने दिखाया कि कैसे राष्ट्रीय डिजिटल रेल व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए अवसरों का विस्तार कर सकती है।

लेखा महानियंत्रक की रीयल-टाइम प्रणाली सरकारी खर्च दिखाकर पारदर्शिता बढ़ाती है और धन लीकेज को कम करती है

लेखा महानियंत्रक में हमने एक ऐसी प्रणाली देखी जो वास्तविक समय में दिखाती है कि सरकार धन कैसे खर्च करती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और लीकेज कम होते हैं। इसने हमें यह सोचने पर मजबूर किया कि केन्या सार्वजनिक वित्त में जवाबदेही को कैसे मजबूत कर सकता है। इसके साथ ही सीधे सरकारी सहायता प्राप्त करना भी एक बड़ी उपलब्धि है।(इनपुट-आईएएनएस)

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