Print

युवाओं में सोशल मीडिया की लत के आरोपों पर मेटा और स्नैप के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा शुरू

युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के कथित दुष्प्रभावों को लेकर मेटा और स्नैप को अमेरिका में एक नए कानूनी परीक्षण का सामना करना पड़ रहा है। दो युवतियों ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लत लगाने वाले डिजाइन के कारण उन्हें गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। मामले की सुनवाई बुधवार को लॉस एंजिलिस में जूरी सदस्यों के चयन के साथ शुरू हुई।

यह व्यक्तिगत वादियों की ओर से दायर ऐसे मामलों में दूसरा मुकदमा है, जिसमें सोशल मीडिया कंपनियों पर जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म को लत लगाने वाला बनाने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले मार्च में इसी तरह के एक मामले में मेटा और यूट्यूब को दोषी ठहराते हुए जूरी ने 60 लाख डॉलर हर्जाना देने का फैसला सुनाया था।

अदालती दस्तावेजों में एस.जे. के रूप में पहचानी गई इलिनॉय की 16 वर्षीय किशोरी और के.डी.बी. के रूप में पहचानी गई मिसिसिपी की 18 वर्षीय युवती का कहना है कि उन्होंने तीन-चार साल की उम्र में यूट्यूब का इस्तेमाल शुरू कर दिया था, जबकि करीब नौ साल की उम्र में वे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगी थीं। उनका आरोप है कि ऑटो-प्ले, लगातार स्क्रॉल करने की सुविधा और अन्य फीचर्स ने उन्हें बाध्यकारी इस्तेमाल की आदत की ओर धकेला, जिसके कारण वे अवसाद, चिंता और खानपान संबंधी विकारों से जूझने लगीं।

मेटा के प्रवक्ता ने आरोपों से असहमति जताते हुए कहा कि कंपनी पिछले एक दशक से अपने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा उपाय विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य कई कारकों से प्रभावित होता है। कंपनी का यह भी दावा है कि संबंधित वादी ने इंस्टाग्राम या फेसबुक की तुलना में टिकटॉक का अधिक इस्तेमाल किया और उसकी व्यक्तिगत परिस्थितियों ने भी उसकी समस्याओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वहीं, स्नैप के प्रवक्ता ने कहा कि स्नैपचैट पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अलग है, क्योंकि ऐप खुलने पर सीधे पोस्ट की फीड या दूसरे लोगों की सामग्री की रैंकिंग नहीं दिखाई जाती। कंपनी ने कहा कि उसने अपने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए उपाय किए हैं और मुकदमे में लगाए गए आरोप उसके प्लेटफॉर्म के डिजाइन तथा उपयोगकर्ताओं के अनुभव को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं।

इसी बीच, कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में राज्यों, स्कूल जिलों और व्यक्तियों की ओर से इसी तरह के 3,800 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। अगस्त में मेटा ने लगभग सभी अमेरिकी राज्यों और क्षेत्रों की ओर से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर अपने प्लेटफॉर्म के प्रभाव को लेकर किए गए दावों के निपटारे के लिए 18 अरब डॉलर तक के समझौते किए थे। इसके तहत कंपनी ने किशोरों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक तक पहुंच से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर सहमति जताई थी।

-(इनपुटः रॉयटर्स)

RELATED ARTICLES

9 hours ago | Beate Meinl-Reisinger

भारत-ऑस्ट्रिया के बीच सुरक्षा और रक्षा साझेदारी आगे बढ़ रही: जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी ...

10 hours ago | defence cooperation

राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा

भारत और जापान ने बुधवार को रक्षा सहयोग की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश...