मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने आज गुरुवार को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में लंबे समय से चले आ रहे भारत की सहायता और साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मॉरीशस ने वर्षों से भारत की उदार सहायता और विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता से अपार लाभ उठाया है। रामगुलाम ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक और गहरे संबंध हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, अवसंरचना और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा- “वर्षों से भारत, अपनी विभिन्न सरकारों के माध्यम से, मॉरीशस की प्रगति की यात्रा में साथ रहा है। हमारी स्वतंत्रता से पहले भी भारत का उच्चायोग मॉरीशस में मौजूद था। हमने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, अवसंरचना और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की उदार सहायता और विशेषज्ञता से बहुत लाभ पाया है। भारत का समय पर दिया गया सहयोग मॉरीशस की जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी द्वारा घोषित “विशेष आर्थिक पैकेज” की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पैकेज शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा और अवसंरचना के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगा। उन्होंने विशेष रूप से मॉरीशस में जल्द बनने वाले उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक केंद्र का उल्लेख किया और कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग और आशीर्वाद से संभव हो रहा है। रामगुलाम ने कहा-“यह पैकेज वास्तव में विशेष है। इसका समय हमें ठोस परिणाम देने में मदद कर रहा है और मुझे खुशी है कि हमारे संबंध अब एक गतिशील और भविष्य की ओर देखने वाले चरण में प्रवेश कर चुके हैं।”
उन्होंने भारत पहुंचने के बाद मिली गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। बनारस (वाराणसी) में हुए अपने औपचारिक स्वागत को याद करते हुए उन्होंने कहा- “मेरी पत्नी और मैं इस स्वागत से अभिभूत थे। मुझे लगता है कि किसी अन्य प्रधानमंत्री का ऐसा स्वागत पहले कभी नहीं हुआ होगा। मैं खुश हूं कि यह दौरा आपके संसदीय क्षेत्र में हो रहा है और अब मैं समझ सकता हूं कि आपको इतनी बड़ी संख्या में मतों से क्यों चुना जाता है।”
गौरतलब है कि यह रामगुलाम की वर्तमान कार्यकाल में पहली विदेश यात्रा है, जो 9 से 16 सितंबर तक चल रही है। इससे पहले मई 2014 में वे भारत आए थे, जब उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था। वे उस समय एकमात्र गैर-सार्क (SAARC) नेता थे जिन्हें इस कार्यक्रम में बुलाया गया था। रामगुलाम 10 सितंबर को वाराणसी पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद रामगूलाम ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसने भारत-मॉरीशस संबंधों की गहराई और मजबूती को एक बार फिर स्पष्ट किया।-(ANI)


