केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित ‘माई भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्योग जगत और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने उद्योग संघों से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से युवाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया।
‘माई भारत’ बना युवाओं के लिए सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘माई भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म एक सिंगल-विंडो व्यवस्था के रूप में कार्य करता है, जहां युवाओं को सीखने, स्वयंसेवा, नवाचार, कौशल विकास और नेतृत्व से जुड़े अनेक अवसर मिलते हैं। उन्होंने उद्योग संघों से आग्रह किया कि वे सीएसआर पहलों के जरिए उद्यमिता, अनुभवात्मक शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा दें। साथ ही माई भारत स्वयंसेवकों के सहयोग से वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
मादक पदार्थों के खिलाफ सामूहिक प्रयास की अपील
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं में बढ़ते मादक पदार्थों के सेवन पर चिंता जताते हुए सरकार, उद्योग जगत और नागरिक समाज से संयुक्त प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में लगाया जाना चाहिए।
हर युवा तक अवसर पहुंचाने की क्षमता रखता है प्लेटफॉर्म: रक्षा खडसे
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि उद्योग संघों और संस्थानों को अपनी युवा-केंद्रित पहलों को ‘माई भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मंच देश के दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं सहित प्रत्येक युवा तक अवसर पहुंचाने की क्षमता रखता है। उनके अनुसार, उद्योग और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी नवाचार, रोजगार, उद्यमिता और सामुदायिक विकास के नए अवसर पैदा करेगी।
इंटर्नशिप और नवाचार कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर
युवा कार्यक्रम सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि ‘माई भारत’ युवाओं को सीखने, स्वयंसेवा, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों से जोड़ने वाला व्यापक डिजिटल पारितंत्र बन रहा है। उन्होंने उद्योग संगठनों से इंटर्नशिप, मेंटरशिप, हैकाथॉन, कोडिंग प्रतियोगिताएं और नवाचार चुनौतियों जैसे कार्यक्रमों के लिए इस मंच का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया।
उद्योग-युवा सहयोग से विकसित होगी नई प्रतिभा
कॉर्पोरेट मामलों की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने कहा कि उद्योग और युवाओं के बीच संरचित सहयोग से युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्राप्त होंगे, जबकि उद्योगों को भविष्य की प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उद्योग संगठनों से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उद्योग संगठनों ने सहयोग बढ़ाने पर किया मंथन
सम्मेलन में सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम, पीएचडीसीसीआई, इंडिया एसएमई फोरम, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, आईपीए, आईएसपीए, एसआईए, एनएचआरडीएन, सीएआईटी, डब्ल्यूटीसी मुंबई और एआईएआई सहित कई प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में माई भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयंसेवा, कौशल विकास, इंटर्नशिप और युवा सहभागिता का दायरा बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक मॉडल पर चर्चा की गई। सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी को और मजबूत बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। (इनपुट: पीआईबी)


