कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैराकी प्रतियोगिता में भारत के लिए श्रीहरि नटराज ने पदक की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। दो बार के ओलंपियन नटराज ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बना ली, जबकि अनुभवी तैराक साजन प्रकाश पुरुषों की 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में क्वालिफाई करने में नाकाम रहे और उनका अभियान समाप्त हो गया।
नटराज ने आसानी से बनाई सेमीफाइनल में जगह
पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में श्रीहरि नटराज ने 55.58 सेकंड का समय निकालकर अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 13वां स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ वह सबसे तेज 16 तैराकों में शामिल होकर सेमीफाइनल में पहुंच गए।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड से पीछे, लेकिन उम्मीद बरकरार
25 वर्षीय नटराज ने शुरुआती 50 मीटर की दूरी 26.26 सेकंड में पूरी की और 55.58 सेकंड में रेस खत्म की। हालांकि, यह समय उनके 2021 में बनाए गए 53.77 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से पीछे रहा, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। इससे पहले वह भारत की पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम का भी हिस्सा थे, जिसने फाइनल में छठा स्थान हासिल किया था।
साजन प्रकाश का अभियान समाप्त
पुरुषों की 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा की नौवीं और अंतिम हीट में उतरे साजन प्रकाश ने 24.94 सेकंड का समय लिया। वह अपनी हीट में आठवें और कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन के कारण वह सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। उनका समय उनके 23.83 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड से भी काफी पीछे रहा।
लगातार दूसरे इवेंट में निराशा
इससे पहले साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे। उन्होंने 1:58.05 मिनट के समय के साथ आठवां स्थान हासिल किया था, जो उनके 1:56.38 मिनट के राष्ट्रीय रिकॉर्ड और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से कमजोर प्रदर्शन रहा।
अब नटराज पर टिकी भारत की नजर
श्रीहरि नटराज के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद तैराकी में भारत की उम्मीदें अब काफी हद तक उन्हीं पर टिकी हैं। यदि वह पदक जीतने में सफल रहते हैं तो कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय तैराक बन जाएंगे। इससे पहले प्रशांत कर्माकर ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस9 पैरा स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। (इनपुट: आईएएनएस)


