संसद में पेपर लीक मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है। सत्ताधारी एनडीए के सांसद गुरुवार सुबह संसद के मकर द्वार पर विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास किए गए धरने के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
भाजपा का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस और विपक्ष पर संसद की जिम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी हंगामा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राहुल गांधी ने कहा था कि अगर सरकार संसद में चर्चा करने को तैयार है तो हम चले जाएंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे बात करने गए, लेकिन वे अपनी बात से मुकर गए।” बांसुरी स्वराज ने यह भी दावा किया कि विपक्ष ने पेपर लीक पर सदन में कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया। उन्होंने खुद नीट परीक्षा पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को राहुल गांधी, अन्य कांग्रेस नेताओं और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दिया था। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में यह धरना दिया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। एनडीए अब इस घटना को विपक्ष की “असंसदीय” गतिविधि बता रहा है और मकर द्वार पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएगा। यह घटनाक्रम संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव को और तीखा बनाता दिख रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


