06/11/25 | 3:54 pm

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लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा : थाईलैंड से वोट देने पटना पहुंचीं तन्वी शाह 

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच तन्वी शाह का नाम हर जुबां पर है। ये वही तन्वी शाह हैं जो मूल रूप से बिहार की हैं, लेकिन थाईलैंड में रहती हैं। इन्हें जब पता लगा कि बिहार में चुनाव आयोग की तरफ से चुनावी बिगुल बज गया है, तो बिना सोचे समझे सबसे पहले फैसला किया कि चाहे कुछ भी हो जाए। मुझे हर कीमत पर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेना है। 

तन्वी ने कहा, चुनाव की तारीखें तय होते ही मैंने बिहार आने का प्लान बनाया

तन्वी ने बातचीत में बताया कि वैसे तो मेरा प्लान बिहार आने का था ही, लेकिन जब मुझे पता लगा कि चुनाव आयोग की तरफ से बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है, तो मैंने उसी हिसाब से यहां आने का प्लान किया, ताकि यहां आने का मेरा व्यक्तिगत हित भी पूरा हो जाए और मैं लोकतंत्र के इस महापर्व में भी हिस्सा ले सकूं, क्योंकि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम मतदाता होने के नाते अपने कर्तव्यों का पालन करें और उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करें। मैं समझती हूं कि यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

बिहार के युवाओं का भविष्य सरकार पर निर्भर है, इसलिए जिम्मेदारी से मतदान कर सही सरकार चुनना हमारा कर्तव्य है

उन्होंने कहा कि निसंदेह यह कहना गलत नहीं होगा कि बिहार के युवाओं का भविष्य हमारी सरकार पर निर्भर है। ऐसी स्थिति में जब सरकार चयन की बात आती है, तो हमारा यह कर्तव्य बन जाता है कि हम बिना किसी लापरवाही के लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेकर सरकार चयन में अपनी तरफ से अमूल्य योगदान दें।

हमारी सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में किसी भी युवा को बेरोजगारी का सामना नहीं करना पड़े

तन्वी आगे कहती हैं कि बिहार में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्होंने मुझे यहां पर आकर मतदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। सबसे प्रमुख मुद्दे बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा हैं। हमें इन मुद्दों का ध्यान रखना होगा। हमारी सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में किसी भी युवा को बेरोजगारी का सामना नहीं करना पड़े। हमारी सरकार को बिहार के विकास की गति को तेज करना है और इन सभी गतिविधियों में प्रदेश के युवाओं की भूमिका काफी अहम हो जाती है।(इनपुट-आईएएनएस)