केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने वर्ष 2025 के दौरान देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए। PLI-ऑटो स्कीम के तहत रिकॉर्ड निवेश और PM E-DRIVE योजना के सफल क्रियान्वयन से भारत की EV क्रांति को नई गति मिली है।
सरकारी बयान के अनुसार, 2024–25 के दौरान PLI-ऑटो स्कीम के तहत 1,999.94 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। 31 दिसंबर 2025 तक 13.61 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में दोपहिया, तिपहिया, इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
29 सितंबर 2024 को शुरू की गई PM E-DRIVE योजना का उद्देश्य EV को तेजी से अपनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और देश में EV मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना है। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक 1,703.32 करोड़ रुपये वितरित किए गए और 21.36 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है।
सरकारी कंपनी CESL ने दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए 10,900 ई-बसों का टेंडर भी जारी किया है, जो देश में सार्वजनिक परिवहन को हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही सरकार SMEC योजना के जरिए भारत को इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस योजना के तहत कंपनियों को बड़े पैमाने पर निवेश करना होगा, जिससे घरेलू विनिर्माण, रोजगार और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी।
-(इनपुटःएजेंसी)


