प्रतिक्रिया | Monday, July 15, 2024

रूस के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय नेता बने पीएम मोदी, रूस दौरे पर लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

 

पीएम मोदी का रूस दौरा समाप्त हो चुका है। पीएम मोदी के इस दौरे पर दोनों देशों के बीच कई अहम फैसले लिए गए। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने 22वीं द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया। दोनों देशों ने संपर्क सुविधाएं बढ़ाने के लिए चेन्नई वल्दिवस्तक समुद्री गलियारे पर भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत यूरेशिया आर्थिक संघ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का भी फैसला किया।

दोनों देशों ने सहयोग के 9 दस्तावेजों को किया स्वीकार
शिखरवार्ता के दौरान दोनों देशों ने सहयोग के 9 दस्तावेजों को स्वीकार किया। इनमें रूस के सदूर पूर्व में सहयोग तथा ध्रुवीय अनुसंधान संबंधी करार शामिल हैं। दोनों पक्षों ने औषधि व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही व्यापारिक संगठनों के बीच सहयोग संबंधी करार भी किए।

रूसी सेना में कार्यरत भारतीय नागरिकों की होगी वापसी
वहीं पीएम मोदी द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद रूसी सेना में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षित स्वेदश वापसी का रास्ता खुलने के साथ ही उनकी भर्ती बंद करने पर मास्को तैयार हो गया है। भारत की मांग पर रूस ने सहमति जताई है। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक मुलाकात के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।

पीएम मोदी ने पुतिन के सामने उठाया मुद्दा
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि रूसी पक्ष ने सभी भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से जल्द सेवामुक्त करने का वादा किया है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने उन भारतीय नागरिकों को शीघ्र सेवामुक्त करने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया, जिन्हें गुमराह करके रूसी सेना में भर्ती कराया गया है। क्वात्रा ने कहा कि दोनों पक्ष इस विषय पर काम करेंगे कि भारतीयों को कितनी तेजी से स्वदेश वापस लाया जा सके। एक प्रश्न के उत्तर में क्वात्रा ने कहा कि भारत का अनुमान है कि रूसी सेना में कार्यरत उसके नागरिकों की संख्या लगभग 35 से 50 के बीच होगी, जिनमें से 10 को पहले ही वापस लाया जा चुका है।

दोनों देश के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य
इसके अलावा भारत और रूस वर्ष 2030 तक व्यापार लक्ष्य 100 अरब डॉलर करने पर सहमत हो गये हैं। दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच वार्ता आर्थिक सहयोग पर केंद्रित रही।

भारत और रूस ने प्रसार भारती और टीवी नोवोस्ती के बीच प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग पर भी हस्ताक्षर किए। इसमें दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्र, बड़े पैमाने पर व्यापार, पूंजी संबंध, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग, रक्षा और सुरक्षा से सम्बद्ध अधिकारी भी शामिल थे।

 

पीएम को रूस के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार
दौरे के दौरान ​रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को बढ़ावा देने में पीएम मोदी के योगदान के लिए क्रेमलिन के सेंट एंड्रयू हॉल में आयोजित एक विशेष समारोह में, उन्हें रूस के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार “द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल” से सम्मानित किया। इस पुरस्कार की घोषणा 2019 में की गई थी। इस पुरस्कार स्वीकार करते हुए, पीएम ने इसे भारत के लोगों और भारत व रूस के बीच मित्रता के पारंपरिक बंधन को समर्पित किया। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को प्रदर्शित करता है। बता दें कि इस पुरस्कार की शुरुआत 300 साल पहले हुई थी। पीएम मोदी इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय नेता हैं।

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आखरी अपडेट: 15th Jul 2024