पीएम मोदी ने घाना की यात्रा पूरी की, पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो हुए रवाना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के पहले चरण के समापन के बाद घाना की राजधानी अक्रा से रवाना हुए। अब वह अपने दौरे के दूसरे चरण में 3 से 4 जुलाई तक त्रिनिदाद एवं टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं।

यह पहली बार था जब प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम अफ्रीकी देश का दौरा किया और वे 30 वर्षों में घाना का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। अपने प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने वहां भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की तथा समुदाय के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी की समीक्षा करना था। चर्चा में आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग के साथ-साथ विकास सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। घाना की यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री को दौरे के दूसरे चरण के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो जाना है।

घाना के राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी तक बढ़ाया तथा महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में “अपार संभावनाओं” पर बल दिया। सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और घाना महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की अपार संभावनाएं देखते हैं। सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।”

वहीं, पांच देशों के यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि मैं 3-4 जुलाई को, त्रिनिडाड और टोबैगो गणराज्य में रहूंगा| यह एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारा गहरा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों का जुड़ाव है। मैं राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती क्रिस्टीन कार्ला कंगालू से भेंट करूंगा। श्रीमती क्रिस्टीन कार्ला कंगालू इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थीं। मैं प्रधानमंत्री महामहिम श्रीमती कमला प्रसाद-बिसेसर से भी मिलूंगा, जिन्होंने हाल ही में दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण किया है। 180 वर्ष पहले भारतीय पहली बार त्रिनिडाड और टोबैगो पहुंचे थे। यह यात्रा हमें वंश और संबंधों के विशेष बंधनों को फिर से जीवंत करने का अवसर प्रदान करेगी जो हमें एकजुट करते हैं।