प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने उनकी रचनाओं को कालजयी बताते हुए कहा कि ये आज भी प्रासंगिक हैं और देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को ऐसी सशक्त अभिव्यक्ति दी, जो आज भी प्रासंगिक है। अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि काशी की साहित्यिक विरासत को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में भी उनका अमूल्य योगदान रहा है। यथार्थ और सामाजिक समानता पर आधारित उनका अमर साहित्य देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।”
अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रेमचंद को ‘कथा सम्राट’ बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं समाज की पीड़ा, विषमताओं और शोषण को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने बाल साहित्य के माध्यम से बच्चों की संवेदनाओं को उजागर करने के लिए भी उनकी सराहना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज के यथार्थ, संघर्ष और सामाजिक न्याय की प्रेरणा देता है। उनका साहित्य मात्र कथा नहीं, बल्कि अपने समय का सशक्त दस्तावेज है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें ‘युगद्रष्टा’ और ‘उपन्यास सम्राट’ कहते हुए नमन किया। उन्होंने ‘गोदान’, ‘गबन’, ‘निर्मला’, ‘नमक का दरोगा’ जैसी रचनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेमचंद ने समाज की कुरीतियों पर सशक्त प्रहार किया और स्वतंत्र चेतना को नई दिशा दी।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू साहित्य के स्तंभ माने जाते हैं। उनकी रचनाएं सामाजिक यथार्थ, गरीबी, शोषण और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखती हैं, जो आज भी पाठकों को गहराई से प्रभावित करती हैं। (इनपुट-एजेंसी)


