October 8, 2026 5:51 PM
मुंशी प्रेमचंद : अभावों और संघर्षों की आंच में तपकर निकली कलम ने बदल दी हिंदी कथा-साहित्य की दिशा
“साहित्य केवल मनोरंजन की वस्तु नहीं, बल्कि समाज की चेतना को जगाने का सबसे सशक्त माध्यम है।” इस विचार को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाने वाले मुंशी प्रेमचंद भारतीय साहित्य के ऐसे प्रकाशपुंज हैं, à¤...


