एआई में पारदर्शिता जरूरी, बने सबके हित और सुख का साधनः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को एआई शिखर सम्मेलन में विश्व के समक्ष भारत का सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय का बेंचमार्क प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एआई को कुछ देश और कंपनियां रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करने की सोच रही हैं। भारत का मानना है कि एआई के लिए पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।

एआई को वैश्विक भलाई के रूप में किया जाएगा विकसित 

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा, “हमें आज यह संकल्प करना चाहिए कि एआई को वैश्विक भलाई (ग्लोबल कॉम गुड) के रूप में विकसित किया जाएगा।”

20 देशों के नेताओं और 45 देशों के मंत्रियों की उपस्थिति में एआई से जुड़ा ‘मानव’ विजन किया प्रस्तुत 

दुनिया के 20 देशों के नेताओं और 45 देशों के मंत्रियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी ने एआई से जुड़ा ‘मानव’ विजन प्रस्तुत किया। मानव विजन का अर्थ है एम (मोरल एंड एथिकल सिस्टम), ए (अकाउंटेबल गवर्नेंस) एन (नेशनल सॉवरेन्टी) ए (एक्सेसिबल एंड इंक्लूसिव) वी (वैलिड एंड लेजिटीमेट)।

पीएम मोदी ने वर्तमान में सामने आई एआई चुनौतियों जैसे डीप फेक का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने वर्तमान में सामने आई एआई चुनौतियों जैसे डीप फेक का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार खाने के सामानों पर उसके अंदर उपयुक्त सामग्री का लेबल होता है, इसी तरह डिजिटल दुनिया में भी लेबलिंग बहुत जरूरी है।

एआई को मानव इतिहास का आज तक का सबसे परिवर्तनकारी नवाचार बताया

प्रधानमंत्री ने एआई को मानव इतिहास का आज तक का सबसे परिवर्तनकारी नवाचार बताया और कहा कि इसकी तेजी और स्तर, अब तक हुए सभी नवाचार से कहीं ज्यादा है। ऐसे में इसके विनाशकारी प्रभाव भी हो सकते हैं जिससे बचाना जरूरी है।

ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करते हुए पीएम मोदी ने कही यह बात

ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें एआई को लोकतांत्रिक करने और इसे समावेशी और सशक्त बनाने का माध्यम बनाने पर जोर देना चाहिए। (इनपुट-एजेंसी)