प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे से भारत और ओमान के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे। इसके साथ ही ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यापार को नई गति मिलेगी। यह बात भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बुधवार को कही।
दोनों देश एफटीए के माध्यम से अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहे हैं आगे
मस्कट में आईएएनएस से बातचीत के दौरान भारतीय उद्योग से जुड़े अग्रणी लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के माध्यम से अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर
यूनो मिंडा लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन निर्मल के. मिंडा ने कहा कि इस दौरे से कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं। उन्होंने कहा, “ओमान की कम ऊर्जा लागत और भारत का मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम एक-दूसरे के पूरक हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कुशल मानव संसाधन तक की उपलब्धता है, जो ओमान के लिए एक चुनौती है, जबकि ओमान यूएई सहित पूरे क्षेत्र को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर सकता है।
भारतीय समुदाय दशकों से ओमान के विकास में दे रहा है योगदान
अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा से भारत और ओमान के बीच पहले से ही मजबूत संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। उन्होंने कहा, “भारतीय समुदाय दशकों से ओमान के विकास में योगदान दे रहा है और इस देश की अर्थव्यवस्था व समाज में उसके योगदान के लिए उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।” उनके अनुसार, व्यापार समझौतों के जरिए वाणिज्यिक संबंधों के विस्तार के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते भी और प्रगाढ़ होंगे।
समुद्री संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक संबंध सदियों से दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ते आए हैं
अलिज फूड्स एलएलसी के चेयरमैन सालेह मोहम्मद अलशनफारी ने कहा कि भारत और ओमान के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा, “समुद्री संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक संबंध सदियों से दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ते आए हैं।”
भारत और ओमान के बीच दीर्घकालिक और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी 15-18 दिसंबर के अपने विदेश दौरे के अंतिम चरण में महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17 से 18 दिसंबर तक दूसरी बार ओमान की यात्रा करेंगे। भारत और ओमान के बीच दीर्घकालिक और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जिसे मजबूत व्यापारिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव का आधार प्राप्त है। (इनपुट: आईएएनएस)


