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PRAGATI-50 पहल शुरू, स्वच्छता के लिए देश के 50 शहर बनेंगे मॉडल सिटी

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को ‘PRAGATI-50’ पहल की शुरुआत की। इसके तहत 24 राज्यों के 50 शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शहरों में साफ-सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह पहल प्रधानमंत्री की 51वीं PRAGATI बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद शुरू की गई है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत इन 50 शहरों की पहचान की है। यहां तय मानकों के आधार पर काम करने के साथ तकनीक की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी।

मनोहर लाल ने कहा कि 24 राज्यों के ये 50 शहर देश के बाकी शहरों के लिए स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित होंगे। इसमें प्रमुख शहरों के साथ सांस्कृतिक महत्व वाले शहरों, बड़े पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इन शहरों की प्रगति की समीक्षा परिणामों के आधार पर की जाएगी और वह खुद हर दो महीने में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान CSIR-CMERI के सहयोग से दुर्गापुर में ‘स्वच्छ भारत टेस्ट बेड एंड इनोवेशन सेंटर’ भी शुरू किया गया। यह स्वच्छता तकनीकों के अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, सत्यापन, प्रमाणन और क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा।

मंत्रालय ने IIT कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) के सहयोग से स्वच्छता स्टार्टअप के तीसरे समूह की भी शुरुआत की। इसमें 13 स्टार्टअप शामिल हुए हैं, जो स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीक और समाधान विकसित करेंगे। इसके साथ स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत 75 स्टार्टअप को शामिल करने और विकसित करने का राष्ट्रीय लक्ष्य भी पूरा हो गया है।

शहरों की निगरानी के लिए ‘स्वच्छतम पोर्टल’ पर PRAGATI जैसी डिजिटल समीक्षा व्यवस्था बनाई गई है। मंत्रालय के अधिकारियों को अलग-अलग शहरों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि नियमित निगरानी के साथ स्थानीय स्तर पर जरूरी सहायता दी जा सके।

कार्यक्रम में निर्माण एवं विध्वंस कचरे के लिए द्वितीयक संग्रह केंद्र स्थापित करने की मानक संचालन प्रक्रिया और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के तहत नगर निकायों के कचरे को स्रोत पर अलग-अलग करने से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।

नागरिकों के लिए स्वच्छता संबंधी शिकायत दर्ज करना आसान बनाने के उद्देश्य से एक समर्पित WhatsApp चैनल भी शुरू किया गया है। यह मौजूदा स्वच्छता ऐप के साथ नागरिकों को शिकायत दर्ज करने और उनके समाधान के लिए एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध कराएगा।

मनोहर लाल ने ‘स्वच्छता बिहेवियर चेंज डिजिटल कोष’ भी लॉन्च किया। इस डिजिटल संग्रह में स्वच्छता से जुड़े विचार, रचनात्मक सामग्री, अभियान और अन्य संसाधन उपलब्ध होंगे। राज्य, शहरी स्थानीय निकाय और अन्य हितधारक इनका इस्तेमाल लोगों में स्वच्छता संबंधी व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कर सकेंगे।

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत मनोहर लाल ने नई दिल्ली के संकल्प भवन में ‘रिड्यूस, रीयूज एंड रीसाइकिल (RRR) सेंटर’ का भी उद्घाटन किया। मंत्रालय के अनुसार, किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में स्थापित यह अपनी तरह का पहला केंद्र है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में वस्तुओं के दोबारा इस्तेमाल, संसाधनों की पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि नई पहल शहरों को तय समय में कचरा मुक्त बनने में मदद करेगी। उन्होंने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से स्थानीय स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर उसे तेजी से लागू करने का आह्वान किया।

-(इनपुटः PIB)