आयुष मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा में अपनी तरह का पहला एकीकृत न्यूरो-पुनर्वास केंद्र “प्रयास” शुरू किया है। यह बहु-विषयक केंद्र आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, योग, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और आधुनिक बाल चिकित्सा को एक ही छत के नीचे लाता है। इसे विशेष रूप से तंत्रिका संबंधी और विकासात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चों के लिए समर्पित किया गया है।
इसका शुभारंभ 10वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर केंद्रीय आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और एआईआईए गोवा के संकाय सदस्यों की उपस्थिति में किया।
उद्घाटन अवसर पर प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रयास देखभाल और आशा का एकीकृत मॉडल है। यह न केवल उपचार प्रदान करता है बल्कि रोगियों और उनके परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और गुणवत्ता भी जोड़ता है।
श्रीपद येसो नाइक ने भी इस पहल को सराहते हुए कहा कि यह मॉडल जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे परिवारों को नई दिशा और राहत प्रदान करेगा।
एआईआईए के निदेशक प्रोफेसर पी.के. प्रजापति ने इसे संस्थान की दूरदृष्टि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आयुर्वेद, योग और आधुनिक पुनर्वास विज्ञान को मिलाकर हमारा उद्देश्य साक्ष्य-आधारित समाधान तैयार करना है, जो बाल चिकित्सा तंत्रिका देखभाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाए।”
वहीं, एआईआईए गोवा की डीन प्रोफेसर सुजाता कदम ने कहा कि यह पहल न केवल रोगियों को समग्र उपचार प्रदान करेगी बल्कि अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करेगी।
आयुष मंत्रालय का यह कदम पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय का उदाहरण है। “प्रयास” केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि देखभाल, करुणा और समग्र उपचार का प्रतीक है।
-(लेखक नितेंद्र सिंह वरिष्ठ जर्नलिस्ट हैं, वर्तमान में ये डीडी न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं)


