रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में अमेरिकी ‘सेक्रेटरी ऑफ वॉर’ पीट हेगसेथ से मुलाकात की। यह मुलाकात 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM-प्लस) के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विस्तार से बातचीत की।
क्या चर्चा हुई मुलाकात में?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि मुलाकात बहुत अच्छी रही। उन्होंने लिखा, “हमने अपने 10-वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढांचे की प्रगति की समीक्षा की। यह ढांचा सैन्य तकनीक, सूचना साझा करने और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल को बढ़ावा दे रहा है। हमारी मजबूत साझेदारी एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आधारस्तंभ बनी हुई है।”
अमेरिकी समकक्ष पीट हेगसेथ ने भी इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री के साथ बेहतरीन बातचीत हुई। उन्होंने दोनों देशों की ‘प्रमुख रक्षा साझेदारी’ (Major Defence Partnership) की पहली वर्षगांठ मनाने और सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा का उल्लेख किया।
ADMM-प्लस में भारत की भूमिका
राजनाथ सिंह 28 से 29 अक्टूबर तक सेबू में आयोजित इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मंच पर वे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही, भाग लेने वाले देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर रहे हैं, जिनमें मौजूदा रक्षा संबंधों की समीक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हो रही है।
ADMM-प्लस क्या है?
ADMM आसियान का रक्षा संबंधी सर्वोच्च परामर्श और सहयोग तंत्र है। ADMM-प्लस में आसियान के सदस्य देशों के साथ आठ संवाद साझेदार—भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड—शामिल होते हैं। इनका मकसद सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाना है। भारत 1992 से आसियान का संवाद भागीदार है। पहली ADMM-प्लस बैठक 2010 में हनोई में हुई थी। 2017 से यह बैठक हर साल हो रही है। 2026 में फिलीपींस इसकी अध्यक्षता कर रहा है। भारत 2024-2027 की अवधि के लिए मलेशिया के साथ ‘आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह’ की सह-अध्यक्षता भी कर रहा है। यह सक्रिय भागीदारी भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास सुनिश्चित करना है। (इनपुट-एजेंसी)


