RBI का बड़ा फैसला: आंतरिक लोकपाल को मिलेगा और अधिकार, ग्राहकों को होगा सीधा लाभ

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बैंक ने वाणिज्य बैंकों के अंतरिक लोकपाल (आईओ) को कंपनसेशन पावर और शिकायतकर्ता तक पहुंच प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिससे आईओ का रोल RBI लोकपाल की भूमिका के अधिक निकट हो जाएगा।

केंद्रीय बैंक ने रेगुलेटेड संस्थाओं (आरई) जैसे बैंक एवं NBFC में आईओ सिस्टम को संस्थागत कर दिया है, इससे आंतरिक लोकपाल द्वारा अस्वीकृत की जा रही शिकायतों की स्वतंत्र शीर्ष स्तरीय समीक्षा संभव हो सकेगी। आंतरिक लोकपाल को और अधिक अधिकार देने के कदम से इस व्यवस्था की प्रभावशीलता और बढ़ेगी।

इसके अतिरिक्त, आईओ को शिकायत भेजने से पहले शिकायत निवारण के लिए विनियमित संस्थाओं के भीतर एक द्वि-स्तरीय संरचना शुरू की जा सकती है। इन उपायों का उद्देश्य विनियमित संस्थाओं के भीतर ग्राहकों की शिकायतों का सार्थक और समय पर समाधान प्रदान करना है, जिससे सेवा मानकों और उपभोक्ता विश्वास में सुधार होगा।

RBI गवर्नर ने कहा कि इन संशोधनों को रेखांकित करते हुए मास्टर निर्देश का एक मसौदा जल्द ही जनता की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया जा रहा है।

रिजर्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना (आरबी-आईओएस) (योजना), 2021, 12 नवंबर, 2021 को शुरू की गई थी, जो विनियमित संस्थाओं (आरई) के ग्राहकों को एक त्वरित, लागत प्रभावी और शीघ्र वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करती है।

मल्होत्रा ​​ने आगे बताया कि वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत आने वाले विनियमित संस्थाओं में वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, अनुसूचित प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, 50 करोड़ रुपये और उससे अधिक जमा राशि वाले गैर-अनुसूचित प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां और क्रेडिट सूचना कंपनियां शामिल हैं।

ग्रामीण सहकारी बैंकों के ग्राहकों को आरबीआई लोकपाल की व्यवस्था तक पहुंच प्रदान करने के लिए, राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (जो अब तक नाबार्ड के अंतर्गत आते थे) को आरबीआई लोकपाल योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में शीघ्र ही एक अधिसूचना जारी की जाएगी।

इसके अलावा, परिचालन अनुभव, हितधारकों की प्रतिक्रिया और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के आधार पर, रिजर्व बैंक ने इस योजना की व्यापक समीक्षा की है।

इस समीक्षा का उद्देश्य स्पष्टता बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और समय-सीमा को कम करना है ताकि समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निवारण को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए मसौदा योजना शीघ्र ही रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। 

(इनपुट- एजेंसी)  

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