06/04/26 | 12:36 pm

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मत्स्य क्षेत्र में बीमा और डिजिटल सुविधाओं का हो रहा तेजी से विस्तार

भारत का मत्स्य (फिशरीज) क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और सरकार इसे मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश और योजनाएं लागू कर रही है।

केंद्रीय बजट 2026-27 में इस क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट, 2,761.80 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। इसमें से लगभग 2,500 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के लिए रखे गए हैं, जो इस क्षेत्र की प्रमुख योजना है।

भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है और वैश्विक उत्पादन में करीब 8% योगदान देता है। पिछले कुछ वर्षों में मछली उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि हुई है—2013-14 में 95.79 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 197.75 लाख टन हो गया, यानी 106% की वृद्धि।

इसके साथ ही समुद्री उत्पादों का निर्यात भी बढ़कर 62,408 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे इस क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत हुई है।

सरकार ने इस क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। “ब्लू रिवोल्यूशन” और PMMSY जैसी योजनाओं के जरिए मछली उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग को बेहतर बनाया गया है। इसके तहत फिशिंग हार्बर, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट और आधुनिक एक्वाकल्चर सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।

तकनीकी सुधार के तहत Recirculatory Aquaculture System (RAS) और Bio-floc तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कम पानी और कम जगह में ज्यादा उत्पादन संभव हो रहा है। अब तक 12,000 से ज्यादा RAS यूनिट और 4,200 से ज्यादा बायो-फ्लॉक यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है।

मछुआरों की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 4.39 लाख मछुआरों को लाभ मिला है, जबकि 33 लाख लोगों को बीमा कवरेज दिया गया है और करीब 7.44 लाख परिवारों को आजीविका सहायता मिली है।

डिजिटल क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म पर 30 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं, जिससे उन्हें लोन, बीमा और अन्य सेवाएं एक ही जगह मिल रही हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF) के तहत 6,685 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिला है।

इसके अलावा “अमृत सरोवर मिशन” के तहत हजारों जलाशयों को विकसित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को आधुनिक, डिजिटल और टिकाऊ बनाना है, ताकि रोजगार बढ़े, निर्यात मजबूत हो और देश की अर्थव्यवस्था को फायदा मिले।

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