वाइस एडमिरल अजय कोचर ने नौसेना के 48वें उप-प्रमुख का पदभार संभाला

वाइस एडमिरल अजय कोचर, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम ने 29 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 48वें उप-प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

पदभार ग्रहण और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद वाइस एडमिरल अजय कोचर ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को नमन किया। उन्होंने देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराया।

नौसेना में लंबा और विशिष्ट सेवा सफर

पुणे स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल अजय कोचर को 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। तोप और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने 37 वर्षों से अधिक लंबे नौसैनिक करियर में कई महत्वपूर्ण कमान, परिचालन और स्टाफ दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

युद्धपोतों और विमानवाहक पोत की कमान

अपने करियर के दौरान उन्होंने भारतीय नौसेना के युद्धपोत नाशक, विभूति और कृपाण की कमान संभाली। वे त्रिकंद फ्रिगेट के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर भी रहे। इसके अलावा उन्होंने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाली, जिसके दौरान एयर विंग का सफल एकीकरण और परिचालन संचालन पूरा किया गया।

उच्च स्तरीय सैन्य शिक्षा और रणनीतिक भूमिकाएं

वाइस एडमिरल अजय कोचर ने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, गोवा स्थित नेवल वॉर कॉलेज और यूनाइटेड किंगडम स्थित रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने नौसेना मुख्यालय में नेवल प्लान्स में संयुक्त निदेशक, स्टाफ आवश्यकताओं के निदेशक और प्रधान निदेशक डीएससीटी जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक पदों पर कार्य किया।

वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं और महत्वपूर्ण योगदान

2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने कैरियर प्रोजेक्ट्स के सहायक नियंत्रक और युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण के सहायक नियंत्रक के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 2021 में पश्चिमी बेड़े की कमान संभाली और बाद में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट के रूप में प्रशिक्षण मानकों और अवसंरचना के उन्नयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पश्चिमी नौसैनिक कमान में महत्वपूर्ण भूमिका

25 मई 2024 को उन्होंने पश्चिमी नौसैनिक कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार ग्रहण किया। इस दौरान पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों के बीच उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर सहित उच्च गति वाले नौसैनिक अभियानों का नेतृत्व किया और पारंपरिक तथा गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने में अहम भूमिका निभाई।

अंडमान-निकोबार कमान और सम्मान

नौसेना उप प्रमुख बनने से पहले उन्होंने अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने त्रि-सेवा समन्वय और संयुक्तता को मजबूत किया। उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

वाइस एडमिरल अजय कोचर का विवाह रेमन से हुआ है, जो एक कलाकार हैं और विज्ञापन तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य कर चुकी हैं। उनके दो बच्चे हैं- बेटी सबा, जो स्वतंत्र पत्रकार हैं, और बेटा करण, जो एक वित्तीय परामर्श फर्म में कार्यरत हैं। (इनपुट-पीआईबी)