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अल नीनो की वापसी से सूखा, बाढ़ और हीटवेव की आशंका

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में समुद्री जल के असामान्य रूप से गर्म होने के कारण अल नीनो परिस्थितियां विकसित हो रही हैं। इसके चलते आने वाले महीनों में वैश्विक तापमान और वर्षा के पैटर्न प्रभावित हो सकते हैं तथा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चरम मौसम की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

जिनेवा में आयोजित एक प्रेस वार्ता में डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि संभावित रूप से मजबूत अल नीनो की स्थिति के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इससे सूखा और अत्यधिक वर्षा जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, जबकि जमीन और समुद्र दोनों में हीटवेव का खतरा भी अधिक हो जाएगा।

साउलो ने बताया कि वर्ष 2023-24 का अल नीनो अब तक दर्ज पांच सबसे शक्तिशाली अल नीनो घटनाओं में से एक था और उसने वर्ष 2024 में रिकॉर्ड वैश्विक तापमान बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमओ और उससे जुड़े वैज्ञानिक समुदाय आने वाले महीनों में मौसम संबंधी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखेंगे, ताकि सरकारों, मानवीय सहायता एजेंसियों और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उनके अनुसार अग्रिम मौसमी पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां लोगों की जान बचाने और अल नीनो के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन में वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि अल नीनो की परिस्थितियां पहले से गर्म हो रही दुनिया की चुनौतियों को और बढ़ा देंगी।

उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने का प्रभावी तरीका जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ठोस कार्रवाई करना है। इसके लिए जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करनी होगी, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा, सबसे अधिक प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी और सभी के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली उपलब्ध करानी होगी।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह डब्ल्यूएमओ ने अपनी रिपोर्ट ‘ग्लोबल एनुअल टू डेकाडल क्लाइमेट अपडेट 2026-2035’ जारी की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अगले पांच वर्षों तक वैश्विक औसत तापमान रिकॉर्ड स्तर के आसपास बना रह सकता है या नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि आर्कटिक क्षेत्र में तापमान वृद्धि वैश्विक औसत से अधिक बनी रहेगी।

ब्रिटेन के मौसम विभाग और डब्ल्यूएमओ के वार्षिक एवं दशकवार जलवायु पूर्वानुमान केंद्र द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में 13 संस्थानों के पूर्वानुमानों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों की जलवायु स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ अगले पांच वर्षों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और वर्षा संबंधी अनुमान भी प्रस्तुत किए गए हैं।

-IANS