कोयला मंत्रालय के अंतर्गत नामित प्राधिकारी ने शुक्रवार को वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की नीलामी के 15वें दौर की बोलियां खोलीं। यह प्रक्रिया 13वें और 14वें दौर के दूसरे प्रयास के साथ आयोजित की गई। 23 प्रस्तावित कोयला ब्लॉकों में से 8 ब्लॉकों के लिए कुल 21 बोलियां प्राप्त हुईं, जो वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी और बढ़ते भरोसे को दर्शाती हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया के तहत खोली गईं बोलियां
निर्धारित प्रक्रिया के तहत सबसे पहले ऑनलाइन बोलियों को डिक्रिप्ट कर इलेक्ट्रॉनिक रूप से खोला गया। इसके बाद ऑफलाइन बोली दस्तावेजों वाले सीलबंद लिफाफे खोले गए। पूरी प्रक्रिया बोलीदाताओं की मौजूदगी में संपन्न हुई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे स्क्रीन पर लाइव भी प्रदर्शित किया गया।
16 कंपनियों ने लिया हिस्सा, 4 नए प्रतिभागी शामिल
नीलामी प्रक्रिया में कुल 16 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें 4 कंपनियां ऐसी रहीं, जिन्होंने वाणिज्यिक कोयला खनन व्यवस्था के तहत पहली बार बोली लगाई। मंत्रालय के अनुसार, नए प्रतिभागियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि उद्योग जगत को सरकार के नीतिगत ढांचे और भारत के कोयला क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर भरोसा है।
तकनीकी मूल्यांकन के बाद होगी ई-नीलामी
प्राप्त बोलियों को अब बहु-विषयक तकनीकी मूल्यांकन समिति के समक्ष रखा जाएगा। तकनीकी रूप से पात्र पाए जाने वाले बोलीदाताओं को एमएसटीसी पोर्टल पर आयोजित होने वाली इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (ई-ऑक्शन) के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को मिलेगा बल
कोयला मंत्रालय का कहना है कि वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की नीलामी में लगातार बढ़ती उद्योग जगत की रुचि इस क्षेत्र के आकर्षण को दर्शाती है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और भारत के व्यापक विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। (इनपुट: पीआईबी)


