भारत-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) के लागू होने की पहली सालगिरह पर स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ ने इस समझौते पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की दिलचस्पी में “बहुत जबरदस्त” उछाल आया है और यह डील दोनों देशों के बीच व्यापार को लंबे समय तक बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस बयान में पार्मेलॉ ने समझौते के जमीनी स्तर पर लागू होने की प्रक्रिया को “बहुत सकारात्मक” बताया।

“पारंपरिक व्यापार से आगे का मजबूत आर्थिक रिश्ता”

स्विस राष्ट्रपति ने कहा, “मैं इस समझौते के लागू होने की प्रक्रिया को बहुत सकारात्मक मानता हूं। जब से यह समझौता लागू हुआ है, कंपनियों ने TEPA में बहुत ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में TEPA स्विट्जरलैंड और भारत के बीच व्यापार को काफी बढ़ावा देगा।” उन्होंने इस समझौते को दोनों देशों के लिए “विन-विन स्थिति” बताया और कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरक ताकतें अनोखा आर्थिक तालमेल बनाती हैं। स्विस राष्ट्रपति पार्मेलॉ ने कहा, “निवेश पर खास ध्यान देने के कारण TEPA में दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद स्थिति बनाने की क्षमता है। स्विट्जरलैंड में ऐसी कंपनियां हैं जिनकी पहुंच दुनिया भर में है, जिनके पास खास तकनीकें और मजबूत इनोवेशन क्षमताएं हैं। वहीं भारत के पास बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, कुशल वर्कफोर्स और ग्लोबल वैल्यू चेन में बढ़ती भूमिका है।”

टिकाऊ विकास और रोजगार का उत्प्रेरक

स्विस राष्ट्रपति ने जोर दिया कि TEPA सिर्फ तुरंत व्यापार शुल्क में छूट देने से कहीं ज्यादा है। यह टिकाऊ विकास, रोजगार पैदा करने और लंबे समय तक पूंजी के प्रवाह के लिए उत्प्रेरक का काम करता है। उन्होंने कहा, “TEPA एक गहरे और स्थायी आर्थिक रिश्ते के लिए हालात बनाने में मदद करता है, जो लंबे समय के निवेश को बढ़ावा देता है, रोजगार पैदा करता है और इनोवेशन व टिकाऊ विकास में योगदान देता है।”

पीएम मोदी ने बताया 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने भी दोनों देशों के रिश्तों में आ रही तेजी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं। पिछले साल उनके व्यक्तिगत सहयोग से हमने भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते को लागू किया। यह यूरोप के किसी भी आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला FTA है।” 

पीएम मोदी ने आगे कहा, “यह निवेश, इनोवेशन, नौकरियों और आपसी समृद्धि का एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट है। इसके साथ हम अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां हासिल करेंगे।” उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में भारत के निर्यात के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश को आसान बनाने के कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इससे कृषि, फार्मा, कपड़ा और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में नए स्विस निवेश को आकर्षित किया जाएगा।

तीन दिवसीय राजकीय यात्रा का हिस्सा

स्विस राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कॉर्पोरेट लीडर्स का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है। यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है। (इनपुट-एजेंसी)