खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आज गुरुवार को एक खास खगोलीय घटना होने जा रही है। रात में आकाश में इस साल की अंतिम पूर्णिमा का चांद सुपरमून होगा। यह अपेक्षाकृत बड़ा और चमकदार दिखाई देगा। इसे रातभर में आसमान में चमकता हुआ देखा जा सकेगा।
इस साल को विदा देता अंतिम सुपरमून होगा कोल्ड मून
नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि आज चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होगा और इसकी पृथ्वी से दूरी लगभग 3 लाख 57 हजार 218 किमी होगी। इसे कोल्ड मून भी नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि उदित होते समय देखने पर मून इल्युजन के कारण यह और अधिक बड़ा दिखाई देगा।
सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पर आ जाएगा चांद
इसके बाद आकाश में पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पर आ जाएगा। इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। अगर आप शहर की रोशनी से दूर वाले स्थान से देखेंगे तो इसकी चमक को और अधिक महसूस कर पाएंगे।
इस बिंदु को कहते हैं पेरिजी
सारिका ने बताया कि सुपरमून तब होता है, जब पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता हुआ पृथ्वी के सबसे निकट बिंदु पर रहता है। इस बिंदु को पेरिजी कहते हैं। पास आ जाने से वह सामान्य पूर्णिमा के चंद्रमा से बड़ा और अधिक चमकीला दिखता है। शहर की रोशनी से दूर जाकर सुपरमून की चांदनी की चमक को और अच्छे से महसूस कर सकते हैं। (इनपुट-एजेंसी)


