नदियों के संरक्षण और संवेदनशीलता पर केंद्रित ‘नदी उत्सव’ का छठा सत्र 25 सितंबर से प्रारंभ होगा। अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके इस वार्षिक आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के समवेत सभागार में 25 सितंबर को अपराह्न 4.30 बजे करेंगे।
केंद्र न्यास के अध्यक्ष पद्म भूषण राम बहादुर राय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के जनपद सम्पदा विभाग के अध्यक्ष प्रो. के. अनिल कुमार और उत्सव के संयोजक अभय मिश्र ने जानकारी दी कि उद्घाटन सत्र के विशिष्ट अतिथि नर्मदालय की संस्थापिका साध्वी विशुद्धानंदा (भारती ठाकुर) और इस्कॉन से सम्बद्ध आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास होंगे। केंद्र न्यास के अध्यक्ष पद्म भूषण राम बहादुर राय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि स्वागत संबोधन सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी देंगे।
संगोष्ठी का विषय ‘Riverscape Dynamics: Changes and Continuity’ है, जिसके लिए 300 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं
विश्व नदी दिवस के अवसर पर आयोजित यह तीन दिवसीय उत्सव राष्ट्रीय संगोष्ठी, डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन, विशेष व्याख्यान और कला प्रदर्शनी सहित कई कार्यक्रमों से समृद्ध होगा। संगोष्ठी का विषय ‘Riverscape Dynamics: Changes and Continuity’ है, जिसके लिए 300 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 45 का वाचन होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय का अंग्रेजी विभाग संगोष्ठी में सह-आयोजक है।
प्रतियोगिता वर्ग में आई 80 से अधिक प्रविष्टियों में से 36 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और सर्वश्रेष्ठ तीन फिल्मों को पुरस्कार दिए जाएंगे
डॉक्यूमेंट्री फिल्मोत्सव ‘My River Story’ पर केंद्रित होगा। प्रतियोगिता वर्ग में आई 80 से अधिक प्रविष्टियों में से 36 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और सर्वश्रेष्ठ तीन फिल्मों को पुरस्कार दिए जाएंगे। इस बार रील प्रतियोगिता भी शामिल की गई है।
प्रदर्शनियों में समकालीन कला, छायाचित्र, कालीघाट पेंटिंग, यमुना के अनछुए पहलू, और नदी की कविता शामिल होंगी
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गुरु सुधा रघुरामन का शास्त्रीय गायन, कपिल पांडे की गंगास कर्स कथा, हिमांशु वाजपेयी व प्रज्ञा की गंगा गाथा (दास्तानगोई) और सौरव मोनी व टीम के बंगाल के नदी गीत प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रदर्शनियों में समकालीन कला, छायाचित्र, कालीघाट पेंटिंग, यमुना के अनछुए पहलू, और नदी की कविता शामिल होंगी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत कालीघाट पेंटिंग्स के क्यूरेटर अनुज अग्रवाल हैं। यह उत्सव नदियों के संरक्षण, उनकी सांस्कृतिक महत्ता और समाज में उनके सतत योगदान को रेखांकित करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।


