प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार शाम अक्रा से पोर्ट ऑफ स्पेन के लिए रवाना होते समय कहा कि वह कैरेबियाई क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण साझेदार त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने घाना की दो दिवसीय यात्रा के समापन के बाद सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “त्रिनिदाद और टोबैगो के लिए रवाना हो रहा हूँ। आज शाम को मैं पोर्ट ऑफ स्पेन में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्सुक हूँ। कल त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित करूंगा।” उन्होंने कहा कि मैं कैरेबियाई क्षेत्र के एक मूल्यवान साझेदार के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उत्सुक हूं, जिसके साथ हमारे बहुत पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं।
प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा में त्रिनिदाद एवं टोबैगो (टीएंडटी) दूसरा पड़ाव होगा, जिसके बाद वे अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी की पहली यात्रा होगी तथा 1999 के बाद से भारत की तरफ से प्रधानमंत्री स्तर पर त्रिपक्षीय पहली यात्रा होगी।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद एवं टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ वार्ता करेंगे तथा भारत-त्रिनिदाद एवं टोबैगो संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, घाना की तरह ही प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को टीएंडटी की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी की कैरेबियाई राष्ट्र की यात्रा से दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को नई गति मिलेगी।
कंगालू इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थे और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, जिन्होंने हाल ही में दूसरा कार्यकाल संभाला है। वह पहले भी भारत का दौरा कर चुकी हैं और उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय पहली बार 180 वर्ष पहले पहुंचे थे और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों देशों को एकजुट करने वाले वंश और रिश्तेदारी के विशेष बंधन को पुनर्जीवित करने का अवसर मिलेगा। दिलचस्प बात यह है कि आठ महीने की अवधि में प्रधानमंत्री मोदी की यह कैरेबियाई क्षेत्र की दूसरी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने नवंबर 2024 में गुयाना का दौरा किया था। इससे यह पता चलता है कि भारत कैरेबियाई देशों को कितना महत्व देता है और कैरिकॉम के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है।
इसके बाद पीएम मोदी पोर्ट ऑफ स्पेन से ब्यूनस आयर्स की यात्रा करेंगे, जो 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। अर्जेंटीना लैटिन अमेरिका में एक प्रमुख आर्थिक भागीदार और जी-20 संगठन में एक करीबी सहयोगी है


