केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘ई-श्रम पोर्टल’ को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक क्रांतिकारी डिजिटल पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल हर श्रमिक को उसके हक और सुरक्षा का पूर्ण अधिकार सुनिश्चित करता है। उन्होंने इसे ‘पब्लिक गुड’ के रूप में विकसित बताया, जो असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है।
मांडविया ने कहा कि देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। फूड सिक्योरिटी योजना के तहत करोड़ों लोगों को सस्ता राशन मिल रहा है, ईएसआईसी के माध्यम से लाखों श्रमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, और कई नागरिक बैंकों द्वारा प्रदान किए जाने वाले एक्सीडेंट बीमा का संरक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं के माध्यम से देश में सामाजिक सुरक्षा मजबूत हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने ‘ई-श्रम पोर्टल’ को भारत की डिजिटल क्रांति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अब तक पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं और प्रतिदिन औसतन 60,000 से 90,000 नए श्रमिक जुड़ रहे हैं। पोर्टल अब ‘ई-श्रम वन स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में विकसित हो गया है, जिसमें 10 केंद्रीय योजनाएं शामिल हैं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना और पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना।
मांडविया ने असंगठित श्रमिकों से अपील की कि वे तुरंत पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। उन्होंने हाल ही में पोर्टल पर बहुभाषी कार्यक्षमता शुरू करने की जानकारी भी दी, जिससे यह अब भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध हो गया है। पहले यह केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में सीमित था। इस बहुभाषी विस्तार को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ‘भाषिणी’ परियोजना के सहयोग से संभव बनाया गया। मंत्री ने कहा कि यह कदम ग्रामीण और क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले श्रमिकों की पहुंच को और व्यापक बनाएगा।-(IANS)


