भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के दो भारतीय मूल के सांसदों ने बीते बुधवार को बयान जारी कर भारत के आतंकवाद विरोधी कदमों का समर्थन किया और पाकिस्तान से लोकतंत्र बहाल करने की मांग की। एक ओर जहां कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने पाकिस्तान को लोकतंत्र कमजोर करने से बचने की चेतावनी दी, वहीं सांसद श्री थानेदार ने भारत की जवाबी कार्रवाई को पूरा समर्थन दिया। राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, “पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद आतंकवाद से लड़ना और भविष्य में हिंसा को रोकना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। जैसा कि सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने कहा, अब यह जरूरी है कि कोई बड़ा संघर्ष न हो और तनाव और न बढ़े।” उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रिहा करना चाहिए और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराकर लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए, ताकि वहां की जनता की आवाज को महत्व मिले। वर्तमान स्थिति का बहाना बनाकर पाकिस्तान में लोकतंत्र को और नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।”
दूसरी ओर, श्री थानेदार ने भारत की सैन्य कार्रवाई का स्पष्ट रूप से समर्थन किया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसे जवाब देना ज़रूरी है। भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और मैं अपने सहयोगी भारत के साथ खड़ा हूं।” थानेदार ने यह भी कहा, “अमेरिका को हमेशा अपने सहयोगियों के साथ आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। यह समय है जब अमेरिका और भारत को एकजुट होकर साझा खतरों का सामना करना चाहिए, निर्दोष लोगों की रक्षा करनी चाहिए, और लोकतंत्र, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।”
राजा कृष्णमूर्ति और श्री थानेदार दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं और क्रमशः इलिनॉय और मिशिगन का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के पांच भारतीय मूल के सदस्यों में शामिल हैं, जिन्हें अनौपचारिक रूप से “समोसा कॉकस” कहा जाता है। अन्य तीन सदस्य हैं-अमी बेरा, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल। कृष्णमूर्ति ने बुधवार को अमेरिकी सीनेट के लिए अपनी उम्मीदवारी की भी घोषणा की।


